प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल दौरे के दूसरे दिन ‘याद वाशेम’ पहुंचकर नाजी शासन में मारे गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने प्रेसिडेंशियल गार्डन में राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत पौधा लगाया।
होलोकॉस्ट स्मारक पर श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने याद वाशेम में होलोकॉस्ट पीड़ितों को पुष्पांजलि अर्पित की और बुक ऑफ नेम्स हॉल का दौरा किया, जहां नरसंहार में मारे गए लाखों लोगों की स्मृति संजोई गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे मानवता के खिलाफ अत्याचारों के पीड़ितों को दिया गया सम्मान बताया।
भारत–इजराइल साझेदारी पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्जोग ने भारत–इजराइल संबंधों को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं ने शिक्षा, स्टार्ट-अप्स, इनोवेशन, प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति हर्जोग को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल
दोनों नेताओं ने प्रेसिडेंशियल गार्डन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत पौधारोपण किया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और मातृसम्मान का संदेश देती है।
राजकीय यात्रा और सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय राजकीय यात्रा गुरुवार को समाप्त हो रही है। इससे पहले उन्हें इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने एयरपोर्ट पर स्वागत किया था। प्रधानमंत्री ने नेसेट को संबोधित किया और वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। उन्हें संसद के सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से भी सम्मानित किया गया। नेतन्याहू ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी को ‘सच्चा मित्र’ और ‘भाई’ बताया। (इनपुट: आईएएनएस)


