डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से माल ढुलाई में क्रांति, किसानों और उद्योगों को मिलेगा तेज रास्ता: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) नेटवर्क के पूरा होने को भारत के लॉजिस्टिक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि इससे माल ढुलाई का समय काफी कम होगा, ईंधन और परिवहन खर्च घटेगा तथा किसानों को जल्दी खराब होने वाली उपज बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के अंतिम अहम हिस्सों को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद वडोदरा में सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2800 किलोमीटर से अधिक के इस समर्पित माल ढुलाई बुनियादी ढांचे का पूरा होना 21वीं सदी के भारत की बड़ी उपलब्धि है।

अब मालगाड़ियां पैसेंजर ट्रेनों से अलग चलेंगी

WDFC के अंतिम तीन सेक्शन कुल 326 रूट किलोमीटर में फैले हैं और इन्हें 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। इनके चालू होने से पूरा DFC नेटवर्क अपनी पूरी लंबाई में सक्रिय हो गया है। पीएम मोदी ने कहा, “डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तेजी से विकसित हो रहे भारत की जीवन रेखा है।” उन्होंने बताया कि पहले मालगाड़ियां पैसेंजर ट्रेनों के साथ एक ही ट्रैक का इस्तेमाल करती थीं, जिससे दोनों की रफ्तार प्रभावित होती थी। अब समर्पित रूट उपलब्ध होने से मालगाड़ियां अलग चल रही हैं। पूर्वी और पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर पर रोजाना 430 से अधिक मालगाड़ियां दौड़ रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जो मालगाड़ी पहले 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में साढ़े छह घंटे लेती थी, वह अब आधे से भी कम समय में उतनी दूरी तय कर सकती है। ट्रक से 30 घंटे वाली यात्रा अब फ्रेट कॉरिडोर से 10 से 12 घंटे में पूरी हो सकती है।

किसानों, उद्योगों और पर्यावरण को फायदा

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि फायदे सिर्फ रफ्तार तक सीमित नहीं हैं। ईंधन की बचत, माल ढुलाई खर्च में कमी, समय की बचत और पर्यावरण को भी लाभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक ही रेलवे ट्रैक में निवेश से कई तरह के फायदे मिल रहे हैं। इस कॉरिडोर से औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच संपर्क मजबूत होगा। हाल ही में शुरू किए गए तीन सेक्शन — साणंद (नॉर्थ)-मकरपुरा, न्यू उमबेरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) — प्रमुख बंदरगाह तक सीधी माल ढुलाई की सुविधा देते हैं। इससे एक्सपोर्ट-इंपोर्ट कार्गो की आवाजाही तेज होगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और मुंबई के रेल नेटवर्क पर भीड़ कम होगी। कृषि पर प्रभाव का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी भारत से फूल, सब्जियां और फल जैसी जल्दी खराब होने वाली उपज अब तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंच सकेगी। उन्होंने JNPT और वडोदरा के बीच हाल ही में चली डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी का उदाहरण दिया, जिसने एक बार में 250 से अधिक ट्रकों के बराबर माल ढोया।

आदिवासी क्षेत्रों को भी जोड़ा गया

कार्यक्रम में न्यू साणंद (नॉर्थ), न्यू मकरपुरा, न्यू उमबेरगांव और न्यू JNPT से मालगाड़ी सेवाओं की शुरुआत हुई। वडोदरा और टांडा रोड के बीच नई यात्री सेवा को भी हरी झंडी दिखाई गई। छोटा उदयपुर-धार प्रोजेक्ट के तहत जोबाट-टांडा रोड रेलवे लाइन को राष्ट्र को समर्पित किया गया, जिससे अलीराजपुर जैसे दूर-दराज आदिवासी इलाके रेल नेटवर्क से जुड़ गए। पीएम मोदी ने कहा कि डीएफसी सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े विस्तार का हिस्सा है, जिसका मकसद सामान और लोगों की आवाजाही को बेहतर बनाना है। (इनपुट-एजेंसी)