प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक लेख साझा किया, जिसमें बताया गया है कि कैसे ‘परीक्षा पे चर्चा’ (पीपीसी) एक जन आंदोलन बन चुका है और यह भारत की शैक्षिक यात्रा में निर्णायक बदलाव का प्रतीक बनकर विकसित भारत की दिशा में मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के लेख पर पीएमओ की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के आधिकारिक अकाउंट से लिखा गया कि इस लेख में बताया गया है कि कैसे परीक्षा पे चर्चा एक जन आंदोलन बन गया है, जो शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
एनईपी 2020 और बाल-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर
पीएमओ की ओर से कहा गया कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने लेख में दोहराया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 बाल-केंद्रित दृष्टिकोण, भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर फोकस और मातृभाषा पर जोर देकर छात्रों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।
पीएम मोदी का संवाद छात्रों को देता है आत्मविश्वास
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लेख साझा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद और बातचीत के अंदाज ने छात्रों को यह महसूस कराया कि उनकी बात सुनी और समझी जा रही है। उन्होंने कहा कि युवा दिमागों को डर से आजाद करना ही परीक्षा पे चर्चा की मूल भावना रही है।
पीपीसी 2026 की तैयारी और व्यक्तिगत जुड़ाव
धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि जैसे ही पीपीसी 2026 की तैयारी की जा रही है, उन्होंने अपने विचार साझा किए हैं कि कैसे पीएम मोदी के व्यक्तिगत जुड़ाव ने परीक्षा पे चर्चा को एक जन आंदोलन में बदल दिया। उन्होंने इसे एनईपी 2020 की बाल-केंद्रित सोच, आज की चुनौतियों और छात्रों के लिए भरोसेमंद माहौल बनाने से जोड़ा।
6 फरवरी को विशेष एपिसोड देखने का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से 6 फरवरी को प्रसारित होने वाले विशेष ‘परीक्षा पे चर्चा’ एपिसोड को देखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह एपिसोड भारत के युवाओं के साथ सार्थक संवाद और सामूहिक भावना को दर्शाएगा।
देशभर के छात्रों से संवाद, बताया प्रेरणादायक अनुभव
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग पर परीक्षा कार्यकर्ताओं और छात्रों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। उन्होंने इस अनुभव को ताजगी भरा और प्रेरणादायक बताया और छात्रों के उत्साह व खुलेपन की सराहना की। (इनपुट: आईएएनएस)


