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पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, कहा- देशवासियों के गुणों से बढ़ रहा भारत का सामर्थ्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर भारत का निरंतर बढ़ता सामर्थ्य देशवासियों के संकल्प, परिश्रम और सामूहिक भावना का परिणाम है।

प्रधानमंत्री ने जीवन के गहरे अनुभवों, नैतिक शिक्षाओं और सदाचार को व्यक्त करने वाला एक संस्कृत श्लोक साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति के पीछे देश के लोगों की सकारात्मक सोच और समर्पण की बड़ी भूमिका है।

प्रधानमंत्री ने साझा किया संस्कृत श्लोक

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा—“यथाशक्ति चिकीर्षन्ति यथाशक्ति च कुर्वते। न किञ्चिदवमन्यन्ते नराः पण्डितबुद्धयः॥”

देशवासियों के गुणों को बताया भारत की ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि देशवासियों के इन्हीं गुणों से भारत लगातार अपनी क्षमता और सामर्थ्य को बढ़ा रहा है।

उन्होंने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा—“देशवासियों के इन्हीं गुणों से भारत आज अपने सामर्थ्य को निरंतर बढ़ा रहा है…”

प्रधानमंत्री के इस संदेश को आत्मविश्वास, परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़कर देखा जा रहा है। (इनपुट: पीआईबी)