बिश्केक में पीएम मोदी छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में होंगे शामिल 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम उनकी आधिकारिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बताना चाहेंगे प्रधानमंत्री मोदी रविवार को बिश्केक पहुंचे। यह उनके दो देशों के दौरे का दूसरा चरण है। इससे पहले उन्होंने उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पूरी की थी। वे किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के निमंत्रण पर यहां पहुंचे हैं। यात्रा के दौरान वे 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। 

खेलों का कार्यक्रम और स्थान

छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स 31 अगस्त से 6 सितंबर तक किर्गिस्तान में आयोजित हो रहे हैं। उद्घाटन समारोह आज सोमवार को स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे बिश्केक एरिना में होगा। मुख्य प्रतियोगिताएं चोलपोन-अता, किर्चिन और इस्सिक-कुल क्षेत्र के आसपास की जगहों पर होंगी। ये खेल दुनिया भर के एथलीटों और प्रतिभागियों को पारंपरिक खेलों, संस्कृति और खानाबदोश सभ्यताओं की विरासत का जश्न मनाने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं।

इतिहास और पिछले संस्करण

वर्ल्ड नोमैड गेम्स का विचार 2012 में तुर्क देशों के शिखर सम्मेलन में किर्गिस्तान, अजरबैजान, कजाकिस्तान और तुर्की द्वारा हस्ताक्षरित बिश्केक घोषणा से निकला था। पहला संस्करण 2014 में किर्गिस्तान में हुआ। इसके बाद 2016 और 2018 में किर्गिस्तान, 2022 में तुर्की के इजनिक और 2024 में कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजन हुए। 

2026 के संस्करण में शामिल खेल

इस वर्ष 43 तरह के पारंपरिक खेलों का व्यापक कार्यक्रम है। इनमें गोरेश, कुराश और मंगोल बोख जैसी कुश्ती शैलियां, कोक बोरू, केकपार, घुड़सवारी कार्यक्रम, तोगुज़ करगूल, मंगला, ओवारे, चुको, ओर्डो, रस्साकशी और स्ट्रॉन्गमैन प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

पारंपरिक कुश्ती में गोरेश तुर्कमेन बेल्ट रेसलिंग है, कुराश उज्बेक स्टैंडिंग शैली है और मंगोल बोख मंगोलिया की लोक कुश्ती है। बोर्ड गेम्स में तोगुज़ करगूल, मंगला और ओवारे रणनीति आधारित हैं, जबकि चुको और ओर्डो में हड्डियों का इस्तेमाल कर निशानेबाजी और टीमवर्क का प्रदर्शन होता है।

भारत का प्रतिनिधिमंडल और सांस्कृतिक कार्यक्रम

भारत 87 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल के साथ भाग ले रहा है। इसमें 73 एथलीट, 10 सांस्कृतिक प्रतिनिधि और वैज्ञानिक कार्यक्रम के चार प्रतिभागी शामिल हैं। सांस्कृतिक पक्ष में ‘इको ऑफ नोमैड्स’ (अंतरराष्ट्रीय एथनिक गीत उत्सव), नोमैड फेस्ट, ‘हेरिटेज ऑफ नोमैड्स’, आर्ट लैब और एथनो-बाजार जैसे कार्यक्रम होंगे। खानाबदोश विरासत और पारंपरिक ज्ञान पर केंद्रित विज्ञान कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है।

पीएम मोदी की भागीदारी का महत्व

उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी किर्गिस्तान के साथ भारत के सांस्कृतिक और जन-संपर्कों को मजबूत करने का संकेत है। खेल 6 सितंबर को समाप्त होंगे, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल इस्सिक-कुल से बिश्केक और आगे की यात्रा के लिए रवाना होंगे। ये खेल मध्य एशिया की समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर पेश करने का अनूठा अवसर हैं। (इनपुट-एजेंसी)