प्रधानमंत्री मोदी 13 नवंबर को बिहार के दरभंगा में एम्स का करेंगे शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 नवंबर को बिहार दौरे पर जा रहें हैं। इस दौरान वे दरभंगा में एम्स का शिलान्यास करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ गठबंधन के शीर्ष नेता भी शामिल होंगे। पटना के बाद दरभंगा में राज्य का दूसरा एम्स होगा

दरभंगा शहर के भाजपा विधायक संजय सरावगी ने कहा कि 13 नवम्बर को पीएम मोदी दरभंगा आएंगे और एम्स का शिलान्यास करेंगे। केंद्र सरकार ने इस अहम परियोजना के लिए फिलहाल 1,261 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। दरभंगा एम्स को अत्याधुनिक स्वास्थ्य देखभाल संस्थान के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। बिहार सरकार ने एम्स के लिए 188 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। इस परियोजना को पूरा करने के लिए तीन वर्ष का समय निर्धारित किया गया है।

15 सितंबर 2020 को प्रधानमंत्री मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार के दरभंगा में एक नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्‍स) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की थी। नए एम्‍स की स्‍थापना से ना केवल स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा और प्रशिक्षण में परिवर्तन होगा, बल्कि इस क्षेत्र में चिकित्‍सा पेशेवरों की कमी का भी समाधान होगा। नए एम्‍स की स्‍थापना से दोहरे उद्देश्य की पूर्ति हो सकेगी। इससे ना केवल लोगों को सुपर स्‍पेशियलिटी स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल की सुविधा मिल सकेगी बल्कि इस क्षेत्र में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों का एक बड़ा पूल बनाने में भी मदद मिलेगी जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के संस्थानों/सुविधाओं के तहत उपलब्ध हो सकते हैं।

नए एम्‍स के संचालन और रख-रखाव का खर्च भी पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। राज्‍य में नए एम्‍स की स्‍थापना से विभिन्‍न संकाय और गैर-संकाय पदों पर लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, नए एम्‍स के आसपास बनने वाले शॉपिंग सेंटर, कैन्‍टीन आदि जैसी सुविधाओं और सेवाओं के कारण अप्रत्‍यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा। एम्‍स दरभंगा के बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्य के दौरान भी पर्याप्‍त रोजगार का सृजन होगा।

उल्लेखनीय है कि दरभंगा एम्स के निर्णाण को लेकर बिहार में खूब राजनीति हुई। बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद इसके निर्माण पर ग्रहण लग गया था। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को जो जमीन उपलब्ध कराई थी, उसमें एम्स निर्माण से केंद्र ने हाथ खड़े कर दिए थे। बिहार में फिर से राजग की सरकार बनी तो केंद्र सरकार ने उसी जमीन में एम्स के निर्माण में अपनी सहमति दे दी थी।