भारत के संविधान को अपनाने के 75 वर्ष पूरे होने के महत्वपूर्ण अवसर पर पीएम मोदी 26 नवंबर को संविधान दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे। पीएम शाम लगभग 5 बजे सर्वोच्च न्यायालय के प्रशासनिक भवन परिसर के सभागार में संविधान दिवस समारोह में भाग लेंगे। वह भारतीय न्यायपालिका की वार्षिक रिपोर्ट (2023-24) भी जारी करेंगे। इस अवसर पर वह उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम का आयोजन भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किया जा रहा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
2015 संविधान दिवस मनाने की शुरुआत
बता दें कि पीएम मोदी ने 1 अक्टूबर 2015 को मुंबई में बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा की आधारशिला रखते हुए यह घोषणा की थी कि 26 नवंबर, संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 19 नवंबर 2015 को संविधान स्वीकृत होने के 65 वर्ष बाद भारत सरकार ने राजपत्र अधिसूचना द्वारा घोषणा की थी कि, भारतीय नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने प्रतिवर्ष 26 नवंबर को “संविधान दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
देश ने कब अपनाया संविधान
26 नवंबर 1949 को, भारत की संविधान सभा ने संविधान को अपनाया, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इस दिन देश के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत हुई। यह दिन महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे लंबे लिखित संविधान को अपनाने का प्रतीक है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की आधारशिला है। अपनी स्थापना के बाद से, संविधान पिछले 75 वर्षों में राष्ट्र की प्रगति को आकार देने वाले मार्गदर्शक ढांचे के रूप में कार्य करता है।