जापानी नोबेल पुरस्कार विजेता और भौतिक विज्ञानी ताकाआकी काजिता ने सोमवार को कहा कि पिछले दशक में भारत का वैश्विक नवाचार सूचकांक (GII) में लगातार सुधार मोदी सरकार के दृष्टिकोण और प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने माना कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने हाल के वर्षों में शोध और विकास (R&D) पर ध्यान और निवेश को बढ़ाया है। काजिता ने जापान और भारत के बीच विज्ञान और तकनीक में गहरी साझेदारी को भी समर्थन दिया।
ताकाआकी काजिता उन 20 प्रमुख जापानी वैज्ञानिकों में शामिल थे जिन्होंने शोध और नवाचार के क्षेत्र में भारत-जापान साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए।
हाल ही में पीएम मोदी के जापान दौरे के दौरान उन्होंने भारतीय प्रतिभा और जापानी तकनीक के सहयोग से अगली पीढ़ी की तकनीकी क्रांति बनाने का आह्वान किया था।
बीते दशक में भारत ने ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में तेजी से प्रगति की है। 2014 में भारत की रैंकिंग 76वीं थी, जो अब 2025 में 38वें स्थान पर पहुंच गई है। 2020 में भारत की रैंकिंग 48वीं थी।
इस विषय पर बोलते हुए काजिता ने कहा, “जापान को R&D के क्षेत्र में भारत से सीख लेनी चाहिए।” यह बात उन्होंने भारत और जापान के बीच ‘नेक्स्ट जनरेशन साइंस और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप’ पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कही, जिसका आयोजन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और जापान की टोक्यो यूनिवर्सिटी ने किया।
कुछ दिन पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत अगले तीन वर्षों में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में शीर्ष 10 देशों में शामिल होगा।
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) 2007 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं में नवाचार का व्यापक मूल्यांकन करना है।
-(इनपुट: आईएएनएस)


