पीएम मोदी पांच देशों की यात्रा पूरी कर कुछ समय बाद पहुंचने वाले हैं स्वदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच देशों की अपनी महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा पूरी कर रोम से भारत के लिए रवाना हो चुके हैं। कुछ घंटों में वे स्वदेश पहुंचने वाले हैं। यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी इटली पहुंचे थे, जहां उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-इटली संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ (Special Strategic Partnership) के स्तर पर ले जाने का फैसला किया है।

पीएम मोदी का बयान

रोम से रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:

‘‘मेरी इटली की यात्रा बेहद सफल रही अब उसका समापन हो रहा है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ मैंने अलग-अलग क्षेत्रों के मसलों पर चर्चा की। इस यात्रा का सबसे अहम नतीजा यह है कि भारत-इटली संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाएंगे। पूरी मानवता को इसका लाभ मिलेगा। इससे आने वाले वर्षों में आपसी सहयोग को नई गति मिलेगी। मैं प्रधानमंत्री मेलोनी, इटली सरकार और इटली के बेहतरीन लोगों का उनकी दोस्ती के लिए धन्यवाद देता हूं।’’

विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रधानमंत्री के इटली से रवाना होने के बाद जारी एक बयान में कहा कि इस दौरे से भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को “नई गति” मिली है और कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग और गहरा हुआ है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस यात्रा से भारत-इटली संबंध और मजबूत हुए हैं तथा विशेष रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिली है।

प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली गए थे। इटली उनके पांच देशों के राजनयिक दौरे का आखिरी पड़ाव था। यह यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीति और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। (इनपुट-एजेंसी)

RELATED ARTICLES

09/06/26 | 9:15 pm

फ्रांस और स्लोवाकिया जाएंगे पीएम मोदी, G-7 शिखर सम्मेलन में लेंगे भाग

पीएम मोदी 13 से 19 जून तक फ्रांस, स्लोवाकिया और जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए यूरोप का दौरा ...

09/06/26 | 5:56 pm | Afghan Girls Out of School

अफगानिस्तान में शिक्षा संकट पर यूएन ने जताई च‍िंता, लाखों लड़कियां अब भी स्कूल से दूर

अफगानिस्तान में लगभग 38 लाख लड़कियों के स्कूल से बाहर रहने के कारण देश एक 'खोई हुई पीढ़ी' की ओर बढ़ ...