पीएम मोदी ने ज्ञान, दृढ़ संकल्प को बताया प्रगति और सफलता का आधार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अज्ञात को जानने, ज्ञात पर विश्वास रखने और कार्य को शुरू कर उसे पूरा करने के संकल्प का संदेश देते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प ही सफलता और प्रगति का आधार हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित 

प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली में हुए ऐतिहासिक एआई समिट में पूरी दुनिया ने भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि टेक्नोलॉजी को लेकर देश के युवा साथियों की सोच पूरी मानवता के लिए बहुत उपयोगी साबित होने वाली है।

सुभाषित का अर्थ 

प्रधानमंत्री ने इसी क्रम में संस्कृत सुभाषित साझा किया, अविज्ञातस्य विज्ञानं विज्ञातस्य च निश्चयः। आरम्भः कर्मणां शश्वदारब्धस्यान्तदर्शनम् ।। सुभाषित का अर्थ है कि जो अज्ञात है उसे जानना, जो ज्ञात है उस पर दृढ़ विश्वास रखना, और जो कार्य शुरू किया जाए उसे पूरा करने का संकल्प रखना आवश्यक है। (इनपुट-एजेंसी)

RELATED ARTICLES

9 hours ago | BRICS

भारत-वियतनाम रक्षा सहयोग को नई गति, मेड-इन-इंडिया सामग्री की आपूर्ति बढ़ाने पर जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग ने सोमवार को नई दिल्ली में भार...

9 hours ago | Atmanirbhar Bharat

पोखरण में पहले भारतीय वायु सेना ड्रोनाथॉन-2026 का शुभारंभ, 20 से अधिक कंपनियां ले रहीं हिस्सा

वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने सोमवार को जैसलमेर स्थित पोखरण फील्ड फायरिं...