बिश्केक के य्रिस ओर्डो कांग्रेस हॉल में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यह सम्मेलन संगठन की 25वीं वर्षगांठ का भी प्रतीक होगा। शंघाई सहयोग संगठन में दस सदस्य देश शामिल हैं, जो वैश्विक GDP का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं।
य्रिस ओर्डो कांग्रेस हॉल में 26वें सम्मेलन का मंच सजा
संगठन का उद्देश्य आपसी विश्वास, मित्रता और अच्छे पड़ोसी संबंधों को मजबूत करना, क्षेत्र में शांति-सुरक्षा सुनिश्चित करना, नई चुनौतियों का संयुक्त मुकाबला करना और आर्थिक-सामाजिक-सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
भारत की प्राथमिकताओं पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है। पीएम मोदी अपने संबोधन में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसरों के क्षेत्र में भारत की प्राथमिकताओं पर विशेष जोर देंगे।
विश्व नोमैड गेम्स में भी शामिल हुए नेता
इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी और अन्य SCO नेताओं ने बिश्केक में छठे विश्व खानाबदोश खेलों (World Nomad Games) के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि पीएम मोदी ने अन्य नेताओं के साथ इस आधिकारिक समारोह में उपस्थिति दर्ज कराई।
ये खेल 31 अगस्त से 6 सितंबर तक किर्गिस्तान में चल रहे हैं
87 सदस्यों वाले भारतीय दल (73 एथलीट, 10 सांस्कृतिक प्रतिनिधि और चार वैज्ञानिक प्रतिभागी) ने राष्ट्रीय ध्वज लेकर एरिना में प्रवेश किया। प्रधानमंत्री मोदी ने हाथ हिलाकर दल का अभिवादन किया। ये खेल 31 अगस्त से 6 सितंबर तक किर्गिस्तान में चल रहे हैं।
यह सम्मेलन और खेल दोनों क्षेत्रीय सहयोग तथा साझा सांस्कृतिक विरासत मजबूत करने का अहम मंच
मुख्य कार्यक्रम चोलपोन-अता, किर्चिन और इस्सिक-कुल क्षेत्र में आयोजित किए जा रहे हैं। विश्व नोमैड गेम्स का विचार 2012 में बिश्केक घोषणा के बाद आया था। पहला संस्करण 2014 में किर्गिस्तान में हुआ था। इस बार 43 पारंपरिक खेलों का आयोजन हो रहा है, जिसमें गोरेश, कुराश, मंगोल बोख जैसी कुश्ती शैलियां, कोक बोरू, घुड़सवारी प्रतियोगिताएं और अन्य पारंपरिक खेल शामिल हैं। यह सम्मेलन और खेल दोनों क्षेत्रीय सहयोग तथा साझा सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहे हैं। (इनपुट-एजेंसी)


