पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, कहा- ‘दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम से कठिन राह भी आसान है’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम की महत्ता पर एक प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक साझा किया।

पीएम मोदी ने लिखा, “दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।”

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर निम्नलिखित संस्कृत श्लोक साझा किया:

“निश्चित्य यः प्रक्रमते नान्तर्वसति कर्मणः।
अबन्ध्यकालो वश्यात्मा स वै पण्डित उच्यते॥”

श्लोक का हिंदी अर्थ:

जो व्यक्ति किसी कार्य को भली-भांति सोच-समझकर दृढ़ निश्चय के साथ आरंभ करता है, उसे बीच में अधूरा नहीं छोड़ता, जो समय का सदुपयोग करता है तथा अपनी इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखता है, वही वास्तव में बुद्धिमान होता है।

यह पोस्ट प्रधानमंत्री मोदी की नियमित प्रेरणादायक श्रृंखला का हिस्सा है। कल सोमवार (1 जून) को उन्होंने शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण संस्कृत श्लोक साझा किया था, जिसमें कंपाउंड वर्ब (संयुक्त क्रिया) की अवधारणा पर प्रकाश डाला गया था।

उस श्लोक में कहा गया था कि जो व्यक्ति खुद कार्य करने में निपुण हो और दूसरों को भी वह ज्ञान प्रभावी ढंग से सिखा सके, वही सर्वश्रेष्ठ शिक्षक की श्रेणी में आता है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक श्लिष्टा क्रिया कस्यचिदात्मसंस्था सङ्क्रान्तिरन्यस्य विशेषयुक्ता । यस्योभयं साधु स शिक्षकाणां धुरि प्रतिष्ठापयितव्य एव।।’ साझा किया था।

पीएम मोदी अक्सर प्राचीन भारतीय ज्ञान-परंपरा से प्रेरणा लेकर युवाओं, शिक्षकों और नागरिकों को सकारात्मक संदेश देते रहते हैं। उनके ये पोस्ट सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से सराहे जा रहे हैं। (इनपुट-एजेंसी)

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