प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लद्दाख में लगभग 3,350 करोड़ रुपये की पांच प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस मौके पर वे क्षेत्र के लोगों को संबोधित भी करेंगे। इन परियोजनाओं से लद्दाख में यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, ऊर्जा ढांचा मजबूत होगा, सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहेगी और जल सुरक्षा बढ़ेगी।
लेह एयरपोर्ट पर नया आधुनिक टर्मिनल
प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे पर 640 करोड़ रुपये की लागत से बने नए यात्री टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। 23,800 वर्ग मीटर में फैला यह टर्मिनल सालाना 35 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। भूतापीय ऊर्जा का इस्तेमाल कर बनाया गया यह पर्यावरण-अनुकूल टर्मिनल कार्बन उत्सर्जन कम करेगा। इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत के तत्व भी शामिल किए गए हैं। इससे हवाई संपर्क मजबूत होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
जांस्कर घाटी से गुजरने वाली रणनीतिक सड़क
पीएम मोदी सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह सड़क लेह के निम्मू को हिमाचल प्रदेश के दारचा से जांस्कर घाटी के रास्ते जोड़ेगी। शिनकुन ला दर्रे जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों से गुजरने वाली यह सड़क इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि है। इससे श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह राजमार्गों का विकल्प तैयार होगा। सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी और जांस्कर के निवासियों को स्वास्थ्य, शिक्षा व बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन लाइन
ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी 9 मेगावाट की हनु लघु जलविद्युत परियोजना और 66 किलोवाट की डबल-सर्किट दाह-हनु-खालत्सी ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन करेंगे। ये परियोजनाएं लद्दाख के बिजली नेटवर्क को विश्वसनीय बनाएंगी और क्षेत्र की जलविद्युत क्षमता का बेहतर उपयोग करेंगी।
भारत का पहला शैलचित्र संरक्षण पार्क
लद्दाख की प्राचीन धरोहर को बचाने के लिए पीएम मोदी लेह के सिंधु घाट पर भारत के पहले शैलचित्र संरक्षण पार्क का उद्घाटन करेंगे। लद्दाख में सैकड़ों प्रागैतिहासिक शैलचित्र स्थल हैं, जिनमें वन्यजीव, मानव आकृतियां और प्रतीकात्मक नक्काशियां मौजूद हैं। यह पार्क इन दुर्लभ अवशेषों की रक्षा करेगा, जनजागरूकता बढ़ाएगा और जिम्मेदार विरासत पर्यटन को बढ़ावा देगा।
40 गांवों में हिम सरोवर परियोजना
‘मिशन अमृत सरोवर’ के तहत शुरू की गई हिम सरोवर परियोजना के अंतर्गत 40 गांवों में विकसित 40 जल निकायों का भी उद्घाटन होगा। लद्दाख में खेती के मौसम में पानी की कमी और अन्य समय में बर्फ पिघलने से अतिरिक्त जल उपलब्ध होता है। यह परियोजना पानी को सहेजकर जरूरत के समय उपलब्ध कराएगी, जिससे सिंचाई आसान होगी और किसानों की आजीविका मजबूत होगी। इन परियोजनाओं से लद्दाख की कनेक्टिविटी, ऊर्जा, संस्कृति और जल सुरक्षा में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन विकास कार्यों को और गति देने वाला माना जा रहा है। (इनपुट-एजेंसी)


