प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 जनवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे संसद भवन परिसर के संविधान सदन के प्रतिष्ठित सेंट्रल हॉल में कॉमनवेल्थ स्पीकर्स एंड प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) के 28वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर वे सम्मेलन को मुख्य संबोधन भी देंगे।

14 से 16 जनवरी 2026 तक चलेगा यह आयोजन

बताना चाहेंगे यह तीन दिवसीय सम्मेलन 14 से 16 जनवरी 2026 तक चल रहा है और कॉमनवेल्थ इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं।

मुख्य आकर्षण और भागीदारी

42 कॉमनवेल्थ देशों और 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों से कुल 61 स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स शामिल होंगे। यह सम्मेलन पिछले संस्करणों से काफी बड़ा है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन जैसे प्रमुख देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। पीएम मोदी उद्घाटन के बाद प्रतिनिधियों के साथ अनौपचारिक बातचीत और सामूहिक फोटो सेशन में भी शामिल होंगे।

चर्चा के प्रमुख विषय

सम्मेलन में समकालीन संसदीय चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श होगा, जिसमें शामिल हैं:

– मजबूत लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखने में स्पीकर्स की भूमिका
– संसदीय कार्यवाही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग
– सांसदों पर सोशल मीडिया का प्रभावसंसद के प्रति जनता की समझ बढ़ाने के लिए इनोवेटिव रणनीतियां
– मतदान से परे नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना
– सांसदों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण जैसे मुद्दे

यह आयोजन भारत की विश्व की सबसे बड़ी लोकतंत्र की भूमिका को करता है मजबूत 

यह आयोजन भारत की विश्व की सबसे बड़ी लोकतंत्र की भूमिका को मजबूत करता है और वैश्विक संसदीय सहयोग को नई दिशा देने वाला मंच साबित हो रहा है। पूरा सम्मेलन पेपरलेस तरीके से आयोजित किया जा रहा है, जो पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण को दर्शाता है।

भारत की मेजबानी से वैश्विक संसदीय कूटनीति में नया अध्याय 

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इसे “लोकतंत्र के भविष्य को आकार देने वाला ऐतिहासिक अवसर” बताया है। सम्मेलन के बाद CSPOC की अध्यक्षता ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स स्पीकर को सौंपी जाएगी। भारत की मेजबानी से वैश्विक संसदीय कूटनीति में नया अध्याय जुड़ रहा है। (इनपुट-पीआईबी)