बीते एक दशक में देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने काफी सारे प्रयास किए हैं, जिसके कारण वर्तमान में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क 100 प्रतिशत जनसंख्या को कवर कर रहा है और इंडस्ट्रियल पीएनजी कनेक्शन एवं कमर्शियल पीएनजी कनेक्शन की संख्या में रिकॉर्ड बढ़त हुई है। देश में बीते दशक में घरेलू पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़कर 1.47 करोड़ हो गई है। साथ ही कमर्शियल पीएनजी कनेक्शन की संख्या 164 प्रतिशत बढ़कर 45,000 और इंडस्ट्रियल पीएनजी कनेक्शन की संख्या 308 प्रतिशत बढ़कर 20,000 से अधिक हो गई है।
केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री, हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “पीएनजी न सिर्फ देश के लगभग 1.47 करोड़ घरेलू कनेक्शन के माध्यम से ग्राहकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है बल्कि लगभग 45,000 व्यावसायिक केंद्रों व 20,000 से अधिक उद्योगों को भी ऊर्जा दे रही है।”
उन्होंने आगे लिखा, “बीते एक दशक में कमर्शियल पीएनजी कनेक्शन में 164 प्रतिशत और इंडस्ट्रियल पीएनजी कनेक्शन में 308 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।” पुरी ने आगे लिखा, “पीएनजी पर्यावरण हितैषी भी है और सस्ती भी। यह विभिन्न उद्योगों में ईंधन खर्च (उत्पादन लागत) कम कर उनकी आय बढ़ा रही है। पाइपलाइन के माध्यम से 24X7 आपूर्ति से ईंधन की कमी या स्टोरेज की समस्या नहीं होती, जिससे उत्पादन प्रक्रिया निर्बाध चलती है।”
केंद्रीय मंत्री ने पीएनजी का फायदा बताते हुए कहा कि यह गैस रिसाव के जोखिम को कम करती है, इसलिए व्यावसायिक केंद्रों एवं उद्योगों में सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहतर होती है। पुरी के मुताबिक, पीएनजी का कमर्शियल उपयोग छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) को बढ़ावा दे रहा है, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है।
पीएनजी कनेक्शन, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विकास के तहत प्रदान किए जाते हैं और पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से ये कनेक्शन दिए जाते हैं। पीएनजीआरबी ने सीजीडी नेटवर्क के विकास के लिए 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 733 जिलों में फैले देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 100 प्रतिशत को कवर करने वाले 307 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए) को अधिकृत किया है।
पीएनजी पाइपलाइन के द्वारा आपूर्ति की जाती है। पीएनजी से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सिलेंडर की बुकिंग, हैंडलिंग, भंडारण और मापन की समस्या से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा, भार में हवा से हल्की होने के कारण पीएनजी खाना पकाने के लिए एक सुरक्षित ईंधन है। प्रति यूनिट ऊर्जा सामग्री (किलो कैलोरी/किग्रा) के संदर्भ में, पीएनजी तुलनात्मक रूप से एलपीजी की तुलना में बेहतर है, यद्धपि प्राकृतिक गैस की लागत कई गतिशील कारकों जैसे कि गैस की खरीद की लागत, राज्य कर, टैरिफ, दी जाने वाली सब्सिडी, परिवहन और वितरण लागत आदि पर निर्भर करती है।


