संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी एक संभावित अप्रत्याशित घटना को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा संसद में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की पुस्तक ‘फ़ोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी’ का उल्लेख किए जाने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इन दोनों मुद्दों ने संसद का माहौल और अधिक गरमा दिया है।
कंगना रनौत का विपक्ष पर तीखा हमला
इन घटनाक्रमों के बीच भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। कंगना रनौत ने कहा कि विपक्ष को पहले यह स्पष्ट गारंटी देनी चाहिए कि वह संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार नहीं करेगा।
‘मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघ चुका है विपक्ष’
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि विपक्ष ने संसदीय मर्यादाओं की सारी सीमाएं पार कर दी हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल संसद तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश को शर्मसार करने वाली है। कंगना रनौत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाल ही में संसद में एक अवैध और अनधिकृत पुस्तक लेकर पहुंचे, जिससे न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंची है।
राहुल गांधी पहले भी इस तरह की हरकतें करते रहे हैं: कंगना
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले भी इस तरह की हरकतें करते रहे हैं और बाद में माफी मांगकर बच निकलते हैं। उनके अनुसार, यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
पेंगुइन पब्लिशिंग के बयान का हवाला
कंगना रनौत ने कहा कि इस मामले में पेंगुइन पब्लिशिंग हाउस की ओर से भी यह स्पष्ट किया जा चुका है कि संबंधित पुस्तक पूरी तरह अवैध और अनधिकृत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी स्वयं इस पूरे घटनाक्रम से असहज है, लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हर स्तर पर साजिश रची जा रही है।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा पर जताई चिंता
भाजपा सांसद ने कहा कि जिस तरह से पहले सदन में अध्यक्ष की ओर कागज फेंके गए, टेबल पर चढ़कर हंगामा किया गया और उन पर हमला किया गया, वैसी ही घटनाएं यदि प्रधानमंत्री के साथ होती हैं तो इसकी क्या गारंटी है कि स्थिति और गंभीर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संसद में प्रवेश से पहले उनकी सुरक्षा को लेकर स्पष्ट आश्वासन दिया जाना चाहिए। (इनपुट-आईएएनएस)


