प्रसार भारती के चेयरमैन ने क्वालिटी कंटेंट पर दिया जोर, कहा- बजट खर्च में बरतें समझदारी

प्रसार भारती बोर्ड के चेयरमैन नवनीत सहगल ने कंटेंट बनाने में जिम्मेदारी और सोच-समझकर पैसे खर्च करने के महत्व पर जोर दिया। फिजूलखर्ची के बजाय गुणवत्ता की जरूरत पर जोर देते हुए सहगल ने क्रिएटर्स और प्लेटफार्म से कहा कि प्रोग्राम या कंटेंट बनाते समय यह देखना जरूरी है कि वह लोगों को पसंद आए और समझ में आए। पैसे का सही तरीके से इस्तेमाल हो। हर प्रोजेक्ट को ध्यान से जांचना चाहिए कि क्या यह लोगों के लिए फायदेमंद है या नहीं।

फिजूलखर्ची के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान देना आवश्यक 

बातचीत में नवनीत सहगल ने कहा कि कंटेंट पर पैसे लगाने से पहले सोच-समझकर और सही रणनीति के साथ काम करना चाहिए। कुछ प्लेटफॉर्म बिना सोचे-समझे बहुत ज्यादा पैसा खर्च कर देते हैं, चाहे वह कंटेंट चले या न चले। लेकिन वेव्स नाम का प्लेटफॉर्म ऐसा नहीं करता। वह पहले यह देखता है कि जो कंटेंट बनाया जा रहा है, वह लोगों को पसंद आएगा या नहीं। तभी वह उसमें पैसा लगाता है।

आम लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कंटेंट तैयार करने पर दें जोर

सहगल ने कहा, “हम दूसरों की तरह पैसे की बर्बादी नहीं करते। हम पहले यह देखते हैं कि जो कंटेंट बनाया जा रहा है, क्या वह आम लोगों को पसंद आएगा या नहीं। अगर हां, तभी हम उस पर काम करते हैं। हमारा विचार मूल रूप से ऐसा कंटेंट बनाना है, जो साफ-सुथरा और पारिवारिक हो। जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सके। अगले 5-6 साल में बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म वेव्स को एक मजबूत प्रतिस्पर्धी के रूप में देख सकते हैं।”

बेहतर कंटेंट निर्माताओं का मेरी ओर से स्वागत 

उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म के भविष्य को लेकर भरोसा जताया और कहा, “हम ब्रॉडकास्टिंग में काम कर रहे हैं, अगर हमारी टीम अच्छा काम करे तो हमें बड़ा खिलाड़ी बनने से कौन रोक सकता है?” सहगल ने कहा कि उनका मकसद किसी को बाजार से बाहर करना नहीं है, बल्कि अच्छे और मजबूत कंटेंट बनाने वालों का स्वागत करना है जो ईमानदारी से प्रतिस्पर्धा कर सकें।

सफलता उन्हीं को मिलेगी, जो दर्शकों के लिए प्रभावशाली कंटेंट प्रस्तुत करेंगे

उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि सच्ची सफलता उन्हें ही मिलेगी जो दर्शकों के लिए दमदार और काम का कंटेंट लेकर आएंगे। वेव्स प्लेटफॉर्म को प्रसार भारती ने नवंबर 2024 में शुरू किया था। यह एक बहुभाषी प्लेटफॉर्म है, जिसमें 12 भाषाओं में कंटेंट पेश किया जाता है। इसमें 70 से ज्यादा लाइव टीवी चैनल हैं, जिनमें दूरदर्शन और आकाशवाणी के चैनल भी शामिल हैं। साथ ही बी4यू और सब ग्रुप जैसे मनोरंजन चैनल भी हैं।(इनपुट-आईएएनएस)