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सरकारी क्षेत्र की इंश्योरेंस कंपनियों की प्रीमियम ग्रोथ अगस्त में 15 प्रतिशत रही : रिपोर्ट

भारत में सरकारी क्षेत्र की जनरल इंश्योरेंस कंपनियों की प्रीमियम आय अगस्त में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर 6,496 करोड़ रुपए हो गई है। यह जानकारी गुरुवार को जारी की गई रिपोर्ट में दी गई। यह लगातार 11वां महीना था, जब सरकारी क्षेत्र की जनरल इंश्योरेंस कंपनियों की प्रीमियम आय में वृद्धि हुई है। पिछले साल अगस्त में सरकारी क्षेत्र की जनरल इंश्योरेंस कंपनियों की प्रीमियम आय 5,649.5 करोड़ रुपए थी। केयरएज रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “यह वृद्धि मुख्य रूप से अग्नि, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और मोटर थर्ड-पार्टी सेगमेंट में पॉलिसी के रिन्यू के कारण थी।” हालांकि, जीएसटी सुधारों के कारण “1/एन नियम” अपनाने से कुल हेडलाइन ग्रोथ प्रभावित हुई है।

गैर-जीवन बीमा क्षेत्र में अगस्त में प्रीमियम वृद्धि में मंदी जारी रही, कुल संग्रह 24,953.0 करोड़ रुपए तक पहुंच गया

गैर-जीवन बीमा क्षेत्र में अगस्त में प्रीमियम वृद्धि में मंदी जारी रही, कुल संग्रह 24,953.0 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो कि सालाना आधार पर 1.6 प्रतिशत अधिक है, जबकि अगस्त 2024 में इसमें 4.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इसी समय, निजी गैर-जीवन बीमा कंपनियों (एसएएचआई या स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमा कंपनियों सहित) ने अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में अपनी 70 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी बरकरार रखी, जो अगस्त 2023 में 68 प्रतिशत थी।

वार्षिक आधार पर, निजी बीमा कंपनियों ने अगस्त 2025 में 64.8 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनाए रखी है

वार्षिक आधार पर, निजी बीमा कंपनियों ने अगस्त 2025 में 64.8 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनाए रखी, हालांकि यह एक साल पहले दर्ज की गई 66.4 प्रतिशत हिस्सेदारी से थोड़ा कम है। इस बीच, सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की हिस्सेदारी अगस्त 2024 के 33.6 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त 2025 में 35.2 प्रतिशत हो गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि स्वास्थ्य बीमा गैर-जीवन बीमा उद्योग का सबसे बड़ा सेगमेंट बना हुआ है

रिपोर्ट में बताया गया है कि स्वास्थ्य बीमा गैर-जीवन बीमा उद्योग का सबसे बड़ा सेगमेंट बना हुआ है। इसका प्रीमियम अगस्त 2024 के 8,038 करोड़ रुपए से बढ़कर इस साल अगस्त में 9,183.7 करोड़ रुपए हो गया है, जो 14.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। समूह स्वास्थ्य बीमा में वित्त वर्ष 26 की शुरुआत से अब तक अगस्त में सबसे तेजी वृद्धि दर्ज की गई है। इसकी वजह प्रीमियम में वृद्धि, रिन्यूएबल और मेडिकल क्षेत्र में मुद्रास्फीति का बढ़ना है।(इनपुट-आईएएनएस)