गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर (जीटीएसी) ने एक बार फिर नया इतिहास रचते हुए गुणवत्ता वाली चाय के प्रमुख बाजार के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है। यहां बेहतर गुणवत्ता की चाय को रिकॉर्ड कीमतें मिल रही हैं, जिससे उत्पादकों को उनके उत्कृष्ट प्रयासों का लाभ मिल रहा है।
गुवाहाटी टी ऑक्शन बायर्स एसोसिएशन के सचिव दिनेश बिहानी ने बताया कि डेकियाजुली टी एस्टेट की सीटीसी पत्ती की एक प्रीमियम खेप 1,103 रुपये प्रति किलोग्राम की प्रभावशाली कीमत पर बिकी।
उन्होंने कहा कि इसी बागान की एक अन्य खेप 973 रुपये प्रति किलोग्राम में बिकी, जो गुणवत्ता वाली चाय के प्रति खरीदारों के मजबूत विश्वास को दर्शाती है।
डेकियाजुली टी एस्टेट, जो पैरी एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के स्वामित्व में है, लंबे समय से प्रीमियम गुणवत्ता वाली चाय के उत्पादन पर विशेष ध्यान दे रहा है।
कंपनी के मार्केटिंग विभाग के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट जो लुईस ने कहा कि वर्षों से गुणवत्ता पर दिया गया निरंतर जोर अब सकारात्मक परिणाम दे रहा है। नीलामी में मिल रही ऊंची कीमतें उनकी टीम की मेहनत और समर्पण को दर्शाती हैं।
इस सप्ताह एक अन्य उल्लेखनीय उपलब्धि में सोताई टी एस्टेट की चाय 889 रुपये प्रति किलोग्राम में बिकी, जो इस बागान के इतिहास की अब तक की सबसे ऊंची कीमत है।
दिनेश बिहानी ने बताया कि नीलामी संख्या 23 के दौरान 65,000 किलोग्राम से अधिक चाय 400 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक कीमत पर बिकी। यह जीटीएसी में उपलब्ध गुणवत्ता के प्रति खरीदारों और विक्रेताओं दोनों की बढ़ती सराहना को दर्शाता है।
चाय उद्योग को असम सरकार से भी प्रोत्साहन मिला है। राज्य सरकार ने हाल ही में ऑर्थोडॉक्स चाय उत्पादकों के लिए 15 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी की घोषणा की है, जिससे इस क्षेत्र में और विकास की उम्मीद बढ़ी है।
वर्तमान में सीटीसी चाय के लिए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नीलामी केंद्र जीटीएसी अब ऑर्थोडॉक्स चाय खंड में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उम्मीद की जा रही है कि इससे अधिक निर्यातक खरीदार आकर्षित होंगे और नीलामी मंच के माध्यम से सीधे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर गुणवत्ता वाली चाय के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी प्रतिष्ठा लगातार मजबूत कर रहा है, जिससे उत्पादकों, खरीदारों और पूरे चाय उद्योग को लाभ मिल रहा है।
(इनपुट-ANI)


