राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को गुजरात के प्रभास पाटन स्थित सोमनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और जनता की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। सोमनाथ मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला और अत्यंत पवित्र माना जाता है। राष्ट्रपति मुर्मु ने भगवान सोमनाथ के चरणों में शीश नवाया, गंगाजल अर्पित किया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सोमेश्वर महापूजा में हिस्सा लिया। उनके साथ उनकी पुत्री इतीश्री मुर्मु भी मौजूद रहीं। मंदिर परिसर में सोमनाथ ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति का पारंपरिक स्वागत किया और उन्हें मंदिर के इतिहास, पुनर्निर्माण और धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर गुजरात के पर्यटन मंत्री मुलुभाई बेरा, सोमनाथ ट्रस्ट के ट्रस्टी और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव पी.के. लाहेरी, ट्रस्टी जे.डी. परमार और सचिव योगेंद्र देसाई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार से तीन दिन के गुजरात दौरे पर हैं। वे गुरुवार शाम को राजकोट पहुंचीं और शुक्रवार सुबह वेरावल जाकर सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कीं। पूजा के बाद वे जूनागढ़ के लिए रवाना हुईं, जहां वे गिर फॉरेस्ट सफारी का आनंद लेंगी। सफारी के दौरान वे जंगल में शेरों के बीच बसे आदिवासी समुदाय से मुलाकात करेंगी और उनके जीवन, संस्कृति तथा आजीविका से जुड़ी जानकारी प्राप्त करेंगी। राष्ट्रपति का रात्रि विश्राम सासण में होगा।
शनिवार को राष्ट्रपति द्वारका जाएंगी, जहां वे द्वारकाधीश मंदिर में दोपहर की आरती में शामिल होकर देश और राज्य की समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगी। इसके बाद शाम को वे अहमदाबाद पहुंचेंगी और गुजरात विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी। इस अवसर पर वे छात्रों को संबोधित करेंगी और उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देंगी। समारोह में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गुजरात विद्यापीठ के कुलपति भी उपस्थित रहेंगे।-(IANS)


