राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 7 से 10 अप्रैल तक पुर्तगाल और स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगी। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी।
राष्ट्रपति मुर्मु 7 और 8 अप्रैल को पुर्तगाल का दौरा करेंगी। यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और पुर्तगाल के बीच राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे हो रहे हैं। इससे पहले, 1998 में राष्ट्रपति के. आर. नारायणन ने पुर्तगाल की यात्रा की थी।
इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा, प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो और संसद अध्यक्ष जोस पेड्रो अगुइयर-ब्रांको से मुलाकात करेंगी। इन बैठकों में व्यापार, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने पर चर्चा होगी। इसके अलावा, राष्ट्रपति मुर्मु पुर्तगाल में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगी।
पुर्तगाल के बाद, राष्ट्रपति मुर्मु 9 अप्रैल को स्लोवाकिया जाएंगी। यह यात्रा इस मायने में भी खास है कि लगभग 30 वर्षों में यह किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की पहली स्लोवाकिया यात्रा होगी।
स्लोवाकिया में राष्ट्रपति मुर्मु वहां के राष्ट्रपति पीटर पेल्लेग्रिनी, प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और संसद अध्यक्ष रिचर्ड राशी से मुलाकात करेंगी। इन बैठकों में भारत और स्लोवाकिया के बीच व्यापार, तकनीकी सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।
राष्ट्रपति मुर्मु की यह यात्रा भारत के पुर्तगाल और स्लोवाकिया के साथ संबंधों को नया आयाम देगी और दोनों देशों के साथ व्यापार और सहयोग के नए अवसर खोलेगी।