केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ बस्तर की सामाजिक परंपराओं के प्रमुख मांझी-चालकी और बस्तर पंडुम के विजेताओं से संवाद किया। इस अवसर पर पहली बार बस्तरवासी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में राष्ट्रपति भवन पहुंचे।
राष्ट्रपति भवन में बस्तर की संस्कृति की दिखी झलक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ बस्तर की सामाजिक परंपराओं के प्रमुख मांझी-चालकी और बस्तर पंडुम के विजेताओं से संवाद करना गौरवपूर्ण अवसर रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में पहली बार बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे बस्तरवासी इस बात का प्रतीक हैं कि क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक पहचान और विरासत को सहेजते हुए आगे बढ़ रहा है।
नक्सलमुक्त बस्तर अपनी धरोहरों को सहेज रहा : शाह
अमित शाह ने कहा कि एक समय नक्सली हिंसा के कारण बस्तर अपनी समृद्ध विरासत, संस्कृति और परंपराओं को खोता जा रहा था, लेकिन आज नक्सलमुक्त होता बस्तर अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण बताया।
विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा बस्तर
गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि विकास के मार्ग पर आगे बढ़ चुका बस्तर आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ का सबसे विकसित संभाग बनकर उभरेगा और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। (इनपुट: पीआईबी)


