राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को कहा कि भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी) देश की समुद्री सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है। वह नेवी डे से एक दिन पहले आयोजित इंडियन नेवी के ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यह कार्यक्रम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित प्रसिद्ध बीच पर आयोजित किया गया।
भारतीय नौसेना का कार्य केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय नौसेना का कार्य केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। यह समुद्री खतरों को रोकने, समुद्री डकैती से निपटने, हमारे आर्थिक क्षेत्र की रक्षा करने और समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी कहा कि कठिन समय में मानवता की सेवा करना नौसेना की विशेष पहचान है। इंडियन नेवी ने मुश्किल परिस्थितियों में हजारों लोगों को राहत और सुरक्षा प्रदान की है।
नौसैनिकों की निस्वार्थ सेवा, साहस और देश की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान का सम्मान
उन्होंने कहा कि नेवी डे से पहले यहां आकर और नौसेना का ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन देखकर उन्हें अत्यंत खुशी हुई। यह सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नौसैनिकों की निस्वार्थ सेवा, साहस और देश की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान का सम्मान है। राष्ट्रपति ने नौसैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं और बधाई दी।
नौसेना के जवानों के समर्पण और देशभक्ति पर गर्व
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि देश के लोग नौसेना के जवानों के समर्पण और देशभक्ति पर गर्व करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इंडियन नेवी द्वारा देश के विभिन्न शहरों में ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन आयोजित करना सराहनीय कदम है, जिससे आम नागरिक नौसेना की क्षमता और दक्षता को करीब से देख पाते हैं।
हमारा समुद्री इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली
भारत की ऐतिहासिक समुद्री विरासत का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा समुद्री इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है- चोल और चेर राजवंशों के जहाजों से लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज और कुंजली मरक्करों की वीरता तक। उन्होंने कहा कि केरल की भी एक शानदार समुद्री विरासत रही है, जहां के योद्धाओं ने यूरोपीय ताकतों के खिलाफ तटों की रक्षा की थी, और प्राचीन बंदरगाह मुजिरिस भारत और विश्व के बीच एक प्रमुख समुद्री द्वार के रूप में कार्य करता था।
हिंद महासागर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में से एक
राष्ट्रपति ने कहा कि आज हिंद महासागर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में से एक है, ऐसे में भारत की जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ हम एक सहयोगी, नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था को बढ़ावा देते हैं, साझा जागरूकता, क्षमता निर्माण और समुद्रों के शांतिपूर्ण उपयोग की दिशा में काम करते हैं।
भारत ब्लू इकॉनमी को मजबूत कर रहा है
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत ब्लू इकॉनमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) को मजबूत कर रहा है, समुद्री मार्गों की सुरक्षा, संसाधनों की रक्षा, गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक और समुद्री अनुसंधान को प्रोत्साहन देने में नौसेना की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हमारी प्रगति आईएनएस विक्रांत, विशाखापत्तनम-क्लास डिस्ट्रॉयर, नीलगिरी-क्लास फ्रिगेट और कलवरी-क्लास सबमरीन जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म में स्पष्ट दिखाई देती है।
नौसैनिकों को हर संभव सहयोग देने का संकल्प
अंत में उन्होंने कहा कि हमें मिलकर अपने समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा, जहाज निर्माण क्षमता को मजबूत करने और नौसैनिकों को हर संभव सहयोग देने का संकल्प दोहराना चाहिए। राष्ट्रपति ने सभी नौसैनिकों और उनके परिवारों को नेवी डे की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। (इनपुट: आईएएनएस)


