राष्ट्रपति मुर्मू ने IIS और ISS के प्रशिक्षु अधिकारियों से की मुलाकात, जनसेवा और जवाबदेही पर दिया जोर

भारतीय सूचना सेवा (IIS) और भारतीय सांख्यिकी सेवा (ISS) के अधिकारी प्रशिक्षुओं के एक समूह ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों सेवाओं के कार्य भले अलग-अलग हैं, लेकिन उनका साझा उद्देश्य सुशासन की गुणवत्ता मजबूत करना और देश की जनता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि प्रभावी संचार और विश्वसनीय सूचना एक जीवंत और उत्तरदायी लोकतंत्र के महत्वपूर्ण आधार हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने IIS अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल केवल सूचना देने और लोगों से जुड़ने के लिए न करें, बल्कि जनता की चिंताओं को सुनने, समझने और उनका जवाब देने के लिए भी करें। उन्होंने कहा कि तेजी से फैलती सूचनाओं के दौर में संचार में सटीकता, विश्वसनीयता और जनहित को हमेशा प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि 2047 की ओर बढ़ते भारत में IIS अधिकारियों की भूमिका और महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि जागरूक नागरिक विकास और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अधिक सक्रिय भागीदारी कर सकते हैं।

ISS प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आज की डेटा आधारित दुनिया में प्रभावी सार्वजनिक नीति के लिए सटीक, समयबद्ध और विश्वसनीय आंकड़े जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सांख्यिकी सेवा के अधिकारी आधिकारिक आंकड़ों को तैयार करने, उनका विश्लेषण करने और उनकी व्याख्या करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राष्ट्रपति ने अधिकारियों से आंकड़ों को नागरिकों, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं के लिए अधिक सुलभ बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हर आंकड़े के पीछे वास्तविक लोग और उनका जीवन जुड़ा होता है।

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को लगातार सीखते रहने, नई क्षमताएं विकसित करने और तेजी से बदलती तकनीक, मीडिया, अर्थव्यवस्था तथा सार्वजनिक नीति के अनुरूप खुद को ढालने की सलाह दी। उन्होंने निर्णयों में विवेक, व्यवहार में संवेदनशीलता और कार्यों में ईमानदारी बनाए रखने पर भी जोर दिया।

राष्ट्रपति ने कहा कि IIS और ISS अधिकारियों का योगदान विश्वसनीय, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शासन व्यवस्था बनाने तथा भारत की विकसित भारत 2047 की यात्रा में महत्वपूर्ण रहेगा।

-(इनपुटःपीआईबी)