राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को ‘एमएसएमई दिवस’ की अध्यक्षता करेंगी। राष्ट्रपति नई दिल्ली के विज्ञान भवन में देश भर से आये एमएसएमई को संबोधित करेंगी। एमएसएमई को सीजीटीएमएसई की दी गई 25 वर्ष की सेवा पूरी होने पर स्मारक डाक टिकट जारी किया जाएगा। इस दौरान सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की विलंबित भुगतानों से संबंधित शिकायतों के ऑनलाइन समाधान के लिए पोर्टल का शुभारम्भ भी किया जाएगा।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। राष्ट्रपति मुर्मु कल शुक्रवार को सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) को ऋण सहायता प्रदान करने में सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष डाक टिकट जारी करेंगी।
ज्ञात हो, ‘एमएसएमई दिवस 2025’ देश के आर्थिक विकास में एमएसएमई क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार करने का अवसर प्रदान करता है। यह अधिक लचीले, प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए तैयार एमएसएमई क्षेत्र के विभिन्न पहलों के लिए लॉन्च पैड के रूप में भी काम करता है।
अपनी स्थापना के बाद से सीजीटीएमएसई ने क्रेडिट गारंटी योजना (सीजीएस) के तहत 9.80 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में अकेले रिकॉर्ड 3 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी दी गई।
राष्ट्रपति मुर्मु एमएसएमई मंत्रालय के नव विकसित ऑनलाइन विवाद समाधान (ओडीआर) पोर्टल का अनावरण करेंगी। एमएसई विक्रेताओं के विलंबित भुगतान से संबंधित विवादों के कारण बंद हुई बड़ी पूंजी उनके व्यवसाय के विकास और प्रतिस्पर्धात्मकता में बाधा डालती है। व्यापार करने में आसानी बढ़ाने के साथ-साथ एमएसई के लिए न्याय तक पहुंच बढ़ाने के लिए, एमएसएमई मंत्रालय ने एक एंड-टू-एंड ओडीआर पोर्टल विकसित किया है, ताकि पक्ष अपने स्थान की सुविधा से मामलों को त्वरित और लागत प्रभावी तरीके से हल कर सकें।
इसके अलावा, वह एमएसएमई हैकथॉन 5.0 का भी शुभारंभ करेंगी, जिसके बाद हैकथॉन 4.0 के परिणाम की घोषणा की जाएगी।
राष्ट्रपति एमएसएमई पत्रिका का विमोचन करेंगी, जो एक इन-हाउस पत्रिका है, जो एमएसएमई क्षेत्र से संबंधित मुद्दों और अवसरों पर उपयोगी जानकारी और समझ प्रदान करेगी। साथ ही एमएसएमई के बीच अनुभव साझा करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगी। इसके अलावा, ‘अपने ऋणदाता को जानें’ पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा जो एमएसएमई को ऋण पर मार्गदर्शन प्रदान करेगी और एमएसएमई को ऋण प्राप्त करने के अपने अधिकारों को बेहतर ढंग से समझने योग्य बनाएगी।


