भारत की सांस्कृतिक विविधता, समृद्ध परंपराओं और राष्ट्रीय एकता की भावना को एक मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से गुजरात के एकता नगर में ‘भारत पर्व 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नर्मदा जिले के एकता नगर में इस सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन किया। 15 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की लोककलाओं, क्षेत्रीय व्यंजनों, हस्तशिल्प, परंपराओं और पर्यटन स्थलों की झलक देखने को मिलेगी। राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के तहत आयोजित यह महोत्सव ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी मजबूत करेगा।
राज्यों को सांस्कृतिक पहचान प्रदर्शित करने का मंच
भारत पर्व राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख आयोजन है। इसके माध्यम से विभिन्न राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपनी सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक कलाओं और पर्यटन की संभावनाओं को प्रदर्शित कर रहे हैं। आयोजन से एकता नगर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान ‘एकता प्रकाश पर्व’ का भी अवलोकन करेंगे। रोशनी का यह महोत्सव भारत की एकता, विविधता, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को समर्पित है।
1.5 करोड़ से अधिक एलईडी लाइटों से सजेगा परिसर
एकता प्रकाश पर्व के प्रमुख आकर्षणों में वैली ऑफ फ्लावर्स रोड पर बनाया गया 530 मीटर लंबा रोशनी से सजा मार्ग शामिल है। इसे ‘प्राचीन भारत से आधुनिक भारत तक’ की थीम पर तैयार किया गया है। इसके अलावा 180 मीटर लंबी ग्लो टनल भी बनाई गई है। इसमें देश के चारों क्षेत्रों की संस्कृति, वास्तुकला, लोकनृत्य, हस्तशिल्प और जीवनशैली को प्रदर्शित किया गया है। इन आकर्षक प्रस्तुतियों को तैयार करने में 1.5 करोड़ से अधिक एलईडी लाइटों का इस्तेमाल किया गया है। देशभर के कलाकारों ने इस आयोजन के लिए विभिन्न कलाकृतियां तैयार की हैं।
शूलपाणेश्वर नर्मदा घाट पर होगी आरती
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार रात करीब 8:15 बजे आधुनिक सुविधाओं से विकसित शूलपाणेश्वर नर्मदा घाट पर नर्मदा आरती में भी शामिल होंगे। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस अथॉरिटी ने 15.10 करोड़ रुपए की लागत से इस घाट का विकास किया है। घाट पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की क्षमता 4,000 से बढ़ाकर 6,000 कर दी गई है। इसके अलावा करीब 2,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था भी की गई है। घाट के विकास कार्यों में विस्तारित सीढ़ीदार घाट, 190 मीटर लंबी हर मौसम में उपयोगी संपर्क सड़क, एम्फीथिएटर शैली में बैठने की व्यवस्था, लाल बलुआ पत्थर की सजावट, भित्तिचित्र, मूर्तियां और नदी तट संरक्षण से जुड़े निर्माण कार्य शामिल हैं।
सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर देंगे श्रद्धांजलि
शनिवार, 31 अक्टूबर को देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह 426.71 करोड़ रुपए की कुल लागत वाली 31 पर्यटन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें 307.83 करोड़ रुपए की लागत वाली 23 परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, जबकि 118.88 करोड़ रुपए की आठ परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।
पर्यटन सुविधाओं पर 50 करोड़ रुपए का निवेश
नई पर्यटन सुविधाओं में 50 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित आईआरसीटीसी होटल, 16 करोड़ रुपए की एकता क्रूज, 14.30 करोड़ रुपए की रेन फॉरेस्ट परियोजना और 3.67 करोड़ रुपए की इको ट्रेल शामिल हैं। इसके अलावा बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ट्रैवलेटर, परेड ट्रैक, कर्मचारियों के आवास और सड़कों एवं पर्यटक सुविधाओं का उन्नयन शामिल है।
एकता प्रकाश पर्व और ग्लो गार्डन का भी होगा विकास
परियोजनाओं के पैकेज में नर्मदा घाट का विकास, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में फसाड लाइटिंग, एकता प्रकाश पर्व का विकास और यूनिटी ग्लो गार्डन का उन्नयन भी शामिल है। वहीं, जिन आठ परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें गोरा-भनाद्रा सड़क, स्मार्ट जीरो-वेस्ट एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना, खलवानी इको-टूरिज्म का विकास और एकीकृत कैक्टस एवं बटरफ्लाई गार्डन शामिल हैं। इसके अलावा सरदार सरोवर बांध के लिए आपदा नियंत्रण कक्ष और सड़कों के सुधार से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं।
रेन फॉरेस्ट और वामन वृक्ष वाटिका का करेंगे दौरा
अपने गुजरात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी रेन फॉरेस्ट और वामन वृक्ष वाटिका का भी दौरा करेंगे। इसके बाद शाम करीब 5:30 बजे वह राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे। समारोह के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों की भागीदारी से एकता परेड आयोजित की जाएगी। इसमें वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों के प्रयासों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
‘नक्सल मुक्त भारत’ पर होगी नाट्य प्रस्तुति
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) की ओर से ‘नक्सल मुक्त भारत’ विषय पर विशेष नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे 126 जिलों के करीब 2,000 कलाकार हिस्सा लेंगे। इस बार राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की थीम ‘वंदे मातरम्’ रखी गई है। इसके अलावा देशभर के करीब 5,000 कलाकारों की भागीदारी से भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता और सामूहिक प्रगति का संदेश दिया जाएगा। (इनपुट-आईएएनएस)


