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कच्छी नववर्ष पर प्रधानमंत्री मोदी ने दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आषाढ़ी बीज, जिसे कच्छी नववर्ष के रूप में मनाया जाता है, के अवसर पर देश और दुनिया भर में रहने वाले कच्छी समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जहां भी एक कच्छी रहता है, वहां कच्छ की संस्कृति और आत्मा जीवंत हो उठती है।

एक्स पर साझा किया शुभकामना संदेश

प्रधानमंत्री ने एक्स पर कच्छी भाषा में शुभकामना संदेश साझा करते हुए लिखा कि जैसे विशाल समुद्र में मछलियां फलती-फूलती हैं, वैसे ही कच्छ के लोग पूरी दुनिया में बसे हुए हैं। उन्होंने देश और विदेश में रहने वाले सभी कच्छी भाई-बहनों को कच्छी नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा:-

“કચ્છડ઼ો ખેલે ખલકમેં જીં મહાસાગરમેં મચ્છ, જિતે હિકડ઼ો કચ્છી વસે ઉતે ડીંયા ડીં કચ્છ. અજ આષાઢી બીજ એટલે કચ્છી નયોં વરેં, દેશ અને દુનિયાંમેં વસંધલ કચ્છી ભા-ભેંણેંકે કચ્છી નયેં વરેંજા રામ રામ અને જિજી જિજી વધાઇયું.”

कच्छी समुदाय को दी नववर्ष की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में देश और विदेश में रह रहे सभी कच्छी भाई-बहनों के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कच्छी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

आषाढ़ी बीज का विशेष महत्व

आषाढ़ी बीज कच्छी समुदाय का पारंपरिक नववर्ष है। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और समृद्धि, सुख एवं खुशहाली की कामना करते हैं। भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में बसे कच्छी समुदाय के लोग भी इस पर्व को उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाते हैं। (इनपुट: पीआईबी)