प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सेवा तीर्थ में भारत सरकार के सचिवों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग के जरिए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक और ठोस लाभ लोगों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
कारोबार और जीवन को आसान बनाने वाले सुधारों पर चर्चा
बैठक में दो प्रमुख विषयों ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के लिए विनियमन में ढील एवं अन्य सुधार’ तथा ‘आत्मनिर्भरता को बढ़ावा’ पर विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों ने इन प्राथमिकताओं के अनुरूप उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
मंत्रालयों ने साझा कीं चुनौतियां और भविष्य की रणनीति
सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी चुनौतियों, जारी सुधारों और शासन व्यवस्था तथा जनसेवा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भविष्य की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया।
विभागीय सीमाएं खत्म कर समन्वय बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने ‘समग्र सरकार’ (Whole-of-Government) दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि मंत्रालयों और विभागों के बीच मौजूद अलगाव को समाप्त कर बेहतर सहयोग और समन्वय विकसित किया जाना चाहिए।
पीएम गतिशक्ति के व्यापक उपयोग का आह्वान
पीएम नरेंद्र मोदी ने एकीकृत योजना निर्माण के महत्व को रेखांकित करते हुए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के व्यापक उपयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह अंतर-विभागीय समन्वय, बुनियादी ढांचा योजना और बेहतर निर्णय लेने के लिए एक प्रभावी मंच है।
योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सभी मंत्रालयों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे और लोगों को उनका ठोस एवं सार्थक लाभ मिले। (इनपुट: एएनआई)


