प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में सोल लीडरशिप कॉन्क्लेव के पहले संस्करण का उद्घाटन किया। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे भी उनके साथ मौजूद रहे। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि बेहतरीन लीडर्स का विकास जरूरी है और समय की मांग है इसलिए ‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप’ की स्थापना विकसित भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम है।

स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच

सोल लीडरशिप कॉन्क्लेव में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने कहा कि स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है और यह प्रामाणिक नेताओं को विकसित करने और उन्हें महान भारतीय गणराज्य की सेवा करने के लिए सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री की अटूट प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी। मेरे बड़े भाई, जब भी मुझे आपसे मिलने का मौका मिलता है, मैं खुशी से झूम उठता हूं… मेरे गुरु, जब भी मैं आपसे मिलता हूं, मैं एक लोक सेवक के रूप में और भी अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित होता हूं।”

पीएम मोदी ने कहा-बेहतरीन लीडर्स का विकास जरूरी

अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “कुछ आयोजन ऐसे होते हैं जो हृदय के बहुत करीब होते हैं आज का कार्यक्रम भी ऐसा ही है। राष्ट्र निर्माण के लिए बेहतर नागरिकों का विकास जरूरी है। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण, ‘जन से जगत’, किसी भी ऊंचाई को प्राप्त करने के लिए आरंभ जन से ही होता है।”

उन्होंने कहा कि बेहतरीन लीडर्स का विकास जरूरी है और समय की मांग है इसलिए ‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप’ की स्थापना विकसित भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम है।

दो दिवसीय सोल लीडरशिप सम्‍मेलन एक प्रमुख मंच के रूप में काम करेगा

21 से 22 फरवरी तक चलने वाला दो दिवसीय सोल लीडरशिप सम्‍मेलन एक प्रमुख मंच के रूप में काम करेगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी नेता अपने जीवन के अनुभव और नेतृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा करेंगे।

इस कार्यक्रम में राजनीति, खेल, कला, मीडिया, आध्यात्म, सार्वजनिक नीति, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोग भाग लेंगे। इसका उद्देश्य युवा नेतृत्व को प्रेरित करना और नए विचारों का आदान-प्रदान करना है जिससे नेतृत्व कौशल को और अधिक विकसित किया जा सके।

सोल की स्थापना गुजरात में की जा रही है

आपको बता दें सोल (SOUL) एक उभरता हुआ लीडरशिप संस्थान है, जिसे गुजरात में बनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में राजनीतिक नेतृत्व को व्यापक बनाना और केवल राजनीतिक परिवारों तक सीमित न रखते हुए योग्यता, प्रतिबद्धता और जनसेवा की भावना रखने वाले लोगों को आगे बढ़ाना है।

यह संस्थान नेतृत्व से जुड़ी नई सोच, आवश्यक कौशल और विशेषज्ञता प्रदान करेगा ताकि आज की जटिल दुनिया में नेतृत्व की चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझा और हल किया जा सके।

14 फरवरी को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने गांधीनगर में SOUL के अत्याधुनिक परिसर के लिए भूमि पूजन किया था। सोल परिसर को अगले दो वर्षों में 150 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जाएगा, गिफ्ट सिटी रोड पर गुजरात जैव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पास 22 एकड़ में फैला होगा। (इनपुट-एएनआई) 

RELATED ARTICLES

19/09/26 | 11:49 am | environmental protection

हमारा बड़ा फोकस नवीकरणीय ऊर्जा पर रहा है, इसने पर्यावरण सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाई है: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' पर आयोजित अंतर्...

19/09/26 | 8:23 am | AIIMS New Delhi

एम्स नई दिल्ली में सुपर माइक्रोसर्जरी की नई तकनीक पर कार्यशाला, जटिल बीमारियों के इलाज को मिलेगी नई दिश

राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 16 और 17 सितंबर को सुपर माइक्रोसर्जरी ...

18/09/26 | 3:06 pm | Bhupender Yadav

भारत में जन्मी चीता केजीपी 12 ने चार नए शावकों को जन्म दिया, देश में चीतों की संख्या बढ़कर 56 हुई

प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के मौके पर श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी ...