प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भारत यात्रा निमंत्रण मिला है। क्रेमलिन के सहायक यूरी उशाकोव ने एक ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। उशाकोव ने कहा कि हमारे नेताओं के बीच साल में एक बार एक-दूसरे से मिलने का समझौता है। अब, 2025 में नई दिल्ली या भारत में किसी अन्य स्थान पर जाने की बारी हमारी है।

ब्रीफिंग में यूरी उशाकोव ने कहा, “इसके अलावा, मैं यह भी कहना चाहूंगा कि पीएम मोदी का निमंत्रण मिल चुका है और निश्चित रूप से इस पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। इसलिए, संभवतः, वर्ष की शुरुआत में हम तारीखें निर्धारित करेंगे।” इससे पहले 19 नवंबर को क्रेमलिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत का दौरा कर सकते हैं।

रूस की प्रमुख समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने पेस्कोव के हवाले से कहा, “मुझे उम्मीद है कि जल्द ही, बहुत जल्द ही हम उनकी (व्लादिमीर पुतिन) यात्रा की सटीक तारीखें तय कर लेंगे। आप जानते हैं कि हमारे नेता एक-दूसरे के यहां दौरे करते रहते हैं। इसलिए, निश्चित रूप से, प्रधानमंत्री मोदी की रूस की दो यात्राओं के बाद, अब राष्ट्रपति पुतिन के भारत आने की उम्मीद है।’

पेस्कोव ने कहा, “हम इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हम इस यात्रा के लिए बहुत सावधानी से तैयारी शुरू करेंगे। हम इसे बहुत महत्व देते हैं लेकिन अभी मेरे पास कोई तारीख नहीं है।”

राष्ट्रपति के प्रेस सचिव ने यह भी बताया कि रूसी राष्ट्रपति के साथ अपने संबंधों के कारण भारतीय प्रधानमंत्री यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि रूस और यूक्रेन के बीच वर्ष 2022 से ही संघर्ष चल रहा है। वर्ष 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से ही भारत ने बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष को हल करने का आह्वान किया है।

पेसकोव ने कहा, “कम से कम पीएम मोदी सीधे तौर पर रूसी राष्ट्रपति से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है। इससे प्रधानमंत्री मोदी को स्थिति का निष्पक्ष मूल्यांकन करने का अवसर मिलता है, न कि बाहर से सूचना और प्रचार के दबाव में आने का।”

भारत और रूस के बीच एतिहासिक रूप से घनिष्ठ संबंध रहे हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन नियमित रूप से मिलते रहते हैं। जुलाई में, भारतीय प्रधानमंत्री ने 22वें रूस-भारत शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मास्को की दो दिवसीय यात्रा की। इसके बाद अक्टूबर में, पीएम मोदी ने 16वें ब्रिक्स समूह के शिखर सम्मेलन के लिए रूसी शहर कज़ान का दौरा किया था। इस दौरान पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी और उन्होंने पुतिन को अगले साल 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण भी दिया था।

 

 

RELATED ARTICLES

12 hours ago | Donald Trump Iran Sanctions

ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार: होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रतिबंध अब भी बरकरार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंध हटाने के दावे के बावजूद ई...

30/05/26 | 12:43 pm | Bodh Gaya Myanmar President welcome

बोधगया पहुंचे म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग, राज्यपाल हसनैन ने किया स्वागत

म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने अपने भारत दौरे की शुरुआत बिहार के बोधगया से की, जहां उ...

30/05/26 | 11:47 am | Ajit Doval Moscow security forum

आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख, सीमा पार समर्थन देने वाले देशों पर वैश्विक कार्रवाई की अपील

विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर क...