दो दिवसीय ब्रिटेन की राजकीय यात्रा संपन्न करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मालदीव के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी 25 से 26 जुलाई को मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू के निमंत्रण पर राजकीय दौरे पर जा रहे हैं। यह मालदीव की उनकी तीसरी यात्रा होगी, साथ ही राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू के कार्यकाल में किसी भी राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।
प्रधानमंत्री 26 जुलाई, 2025 को मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के समारोह में ‘मुख्य अतिथि’ होंगे। यह प्रधानमंत्री की मालदीव की तीसरी यात्रा होगी और नवंबर 2023 में पदभार ग्रहण करने के बाद से राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू द्वारा आयोजित किसी शासनाध्यक्ष की पहली राजकीय यात्रा होगी।
अपनी दो देशों की राजकीय यात्रा पर रवाना होने से पहले बुधवार को पीएम मोदी ने कहा कि मैं राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज़्ज़ू के निमंत्रण पर मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के समारोह में शामिल होने के लिए मालदीव का दौरा करूंगा। इस वर्ष हमारे दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ भी है। मैं राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू और अन्य राजनीतिक नेतृत्व के साथ अपनी बैठकों की प्रतीक्षा कर रहा हूं जिससे कि एक व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी के हमारे संयुक्त विजन को आगे बढ़ाया जा सके और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता के लिए हमारे सहयोग को सुदृढ़ बनाया जा सके।
इस वर्ष भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक प्रेस वार्ता में पीएम मोदी की मालदीव यात्रा की जानकारी देते हुए मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री का मालदीव दौरा निश्चित रूप से मालदीव के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय आधिकारिक बैठकों को भी शामिल करेगा। कुछ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा।
विदेश सचिव ने कहा, “मालदीव हमारे पड़ोस में है और हमारा एक बहुत करीबी साझेदार है। यह भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और महासागर विजन का भी हिस्सा है, जो सुरक्षा और विकास के लिए क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है। संकट के समय, चाहे प्राकृतिक हो या मानवनिर्मित, हमने हमेशा मालदीव की जरूरतों का तुरंत समर्थन किया है। हमारे बीच मजबूत राजनीतिक संबंध रहे हैं, जो नियमित उच्च स्तरीय दौरों से और मजबूत होते रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि आर्थिक मोर्चे पर, भारत मालदीव का एक सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। द्विपक्षीय व्यापार लगभग 500 मिलियन डॉलर का है। भारतीय निवेशक मालदीव में पर्यटन और अन्य आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देश एक मुक्त व्यापार समझौते और एक निवेश संधि पर भी बातचीत कर रहे हैं।
वहीं, पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इस यात्रा से ठोस परिणाम प्राप्त होंगे, जिससे देश के लोगों को लाभ होगा तथा हमारी पड़ोसी प्रथम नीति को बढ़ावा मिलेगा।


