प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शुक्रवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर सभी को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर कहा, “विज्ञान के प्रति उत्साहपूर्ण भाव रखने वाले लोगों, विशेषकर हमारे युवा अन्वेषकों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की बधाई। आइए विज्ञान और नवाचार को लोकप्रिय बनाते की दिशा में कार्य करते रहे और एक विकसित भारत के निर्माण के लिए विज्ञान का लाभ उठाते रहें।”

हर साल 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है

‘रमन प्रभाव’ की खोज के उपलक्ष्य में हर साल 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (एनएसडी) मनाया जाता है। भारत सरकार ने 1986 में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (एनएसडी) के रूप में नामित किया था। इस दिन सर सीवी रमन ने ‘रमन प्रभाव’ की खोज की घोषणा की थी जिसके लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा

पीएम मोदी ने आज राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर सभी को बधाई देते हुए सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कहा कि विज्ञान के प्रति उत्साहपूर्ण भाव रखने वाले लोगों, विशेषकर हमारे युवा अन्वेषकों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की बधाई। आइए विज्ञान और नवाचार को लोकप्रिय बनाते की दिशा में कार्य करते रहे और एक विकसित भारत के निर्माण के लिए विज्ञान का लाभ उठाते रहें।

इससे पहले पीएम मोदी ने इस महीने के मन की बात के दौरान, ‘एक वैज्ञानिक के रूप में एक दिन’ के बारे में बात की थी। जहां युवा किसी न किसी वैज्ञानिक गतिविधि में भाग लेते हैं।

भारत वैज्ञानिक अनुसंधान प्रकाशनों में विश्व स्तर पर शीर्ष पांच देशों में से एक

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार आज हम वैज्ञानिक अनुसंधान प्रकाशनों में विश्व स्तर पर शीर्ष पांच देशों में से एक हैं, ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) में 2015 में 81 रैंक से उल्लेखनीय वृद्धि दिखाते हुए आज 40 वें स्थान पर हैं और हमारी पेटेंट फाइलिंग 90,000 को पार कर गई है जो दो दशकों में सबसे अधिक है।

भारतीय वैज्ञानिक सफलताएँ प्रयोगशाला से चंद्रमा तक पहुँच गई हैं

यह सब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, खगोल विज्ञान, सौर और पवन ऊर्जा, अर्धचालक, जलवायु अनुसंधान, अंतरिक्ष अनुसंधान और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में देश में विज्ञान प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती के कारण है । चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान -3 की सफल लैंडिंग के साथ भारतीय वैज्ञानिक सफलताएँ प्रयोगशाला से चंद्रमा तक पहुँच गई हैं और भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला देश बन गया।

वैज्ञानिक सफलताओं के प्रभाव से आम आदमी के लिए जीवन आसान बन रहा है

आपको बता दें, भारत को मजबूत वैक्सीन विकास क्षमता के लिए भी जाना जाता है, और यह कोविड महामारी के दौरान साबित हुआ है। भारत अब क्वांटम प्रौद्योगिकी में वैश्विक प्रगति की बराबरी करने के लिए तैयार है। भारतीय वैज्ञानिक सफलताओं का प्रभाव आम आदमी के लिए जीवन को आसान बना रहा है।

 

RELATED ARTICLES

19/09/26 | 11:49 am | environmental protection

हमारा बड़ा फोकस नवीकरणीय ऊर्जा पर रहा है, इसने पर्यावरण सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाई है: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' पर आयोजित अंतर्...

19/09/26 | 8:23 am | AIIMS New Delhi

एम्स नई दिल्ली में सुपर माइक्रोसर्जरी की नई तकनीक पर कार्यशाला, जटिल बीमारियों के इलाज को मिलेगी नई दिश

राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 16 और 17 सितंबर को सुपर माइक्रोसर्जरी ...

18/09/26 | 3:06 pm | Bhupender Yadav

भारत में जन्मी चीता केजीपी 12 ने चार नए शावकों को जन्म दिया, देश में चीतों की संख्या बढ़कर 56 हुई

प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के मौके पर श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी ...