भारी इंजीनियरिंग उपकरणों का उत्पादन 2024-25 में ₹5.69 लाख करोड़ पार

संसद को मंगलवार को बताया गया कि भारी इंजीनियरिंग उपकरण और पूंजीगत वस्तुओं (कैपिटल गुड्स) से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों का उत्पादन 2020-21 के ₹2,66,672 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹5,69,900 करोड़ तक पहुंच गया है।

लोकसभा में जानकारी देते हुए भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा ने कहा कि हेवी इलेक्ट्रिकल उपकरणों का उत्पादन 2024-25 में ₹3,64,706 करोड़ रहा, जो 2020-21 के ₹1,67,706 करोड़ से दोगुने से अधिक है।

इसके अलावा,

  • अर्थमूविंग और माइनिंग मशीनरी का उत्पादन ₹29,021 करोड़ से बढ़कर ₹80,750 करोड़ हो गया।

  • प्रिंटिंग मशीनरी का उत्पादन 2020-21 के ₹10,058 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹29,716 करोड़ तक पहुंच गया।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस समय भारी उद्योग मंत्रालय के पास BHEL के विनिवेश (disinvestment) का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

उन्होंने बताया कि CCEA ने 2016 में कुछ CPSEs के लिए ‘इन-प्रिंसिपल’ मंजूरी दी थी, जिनमें Bridge & Roof Co. India Ltd., Cement Corporation of India Ltd. की कुछ यूनिट्स, और EPIL के संभावित विनिवेश शामिल थे। हालांकि, इन कंपनियों के लिए कोई बोली प्राप्त नहीं हुई, जबकि CCI की यूनिट्स रणनीतिक बिक्री के लिए उपयुक्त नहीं पाई गईं।

इसी बीच, सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार अक्तूबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि (IIP) 0.4% रही। मंत्रालय ने कहा कि यह कम वृद्धि त्योहारों के चलते कार्य दिवस कम रहने के कारण हुई।

सितंबर और अगस्त में IIP वृद्धि 4% रही थी, जबकि जून में यह 1.5% दर्ज की गई थी।

निर्माण क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग) ने अक्तूबर में पिछले वर्ष की तुलना में 1.8% की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की, और 23 में से 9 उद्योग समूहों ने उत्पादन में बढ़ोतरी दिखाई।

-(इनपुटःएजेंसी)