केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कैंसर, डायबिटीज, मोटापा और अन्य गैर-संचारी (Non-Communicable) बीमारियों के खिलाफ देशव्यापी ‘जन आंदोलन’ चलाने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से मुकाबला केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि रोकथाम, समय पर जांच और वैज्ञानिक चिकित्सा पर आधारित जन जागरूकता अभियान बनना चाहिए।
डॉ. जितेंद्र सिंह यह बात कैंसर सर्वाइवर और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अखिलेश गुप्ता की पुस्तक ‘UNBROKEN: My Battle with Cancer and the Will to Lead’ के लोकार्पण समारोह में संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि भारत में कैंसर, डायबिटीज, मोटापा, फैटी लिवर और अन्य मेटाबॉलिक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और अब इनका असर कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज देश के सामने सिर्फ बीमारियों का बढ़ता बोझ ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रामक जानकारियों (Health Misinformation) की चुनौती भी बड़ी समस्या बनकर उभर रही है। ऐसे में वैज्ञानिक सोच और प्रमाण आधारित स्वास्थ्य सलाह को लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कई प्रकार के कैंसर का इलाज संभव है या उन्हें नियंत्रित किया जा सकता है, यदि बीमारी की समय रहते पहचान हो जाए। इसलिए नियमित जांच और समय पर उपचार से मरीजों के बचने की संभावना काफी बढ़ सकती है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बढ़ते मोटापे और अस्वस्थ जीवनशैली पर चिंता जताते हुए कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को हर व्यक्ति की दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) केवल व्यक्तिगत विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आदत बननी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैज्ञानिक जानकारी, सही स्वास्थ्य सलाह और जागरूकता को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना आवश्यक है।
-(इनपुटःएजेंसी)


