प्रतिक्रिया | Monday, April 22, 2024

09/11/23 | 12:05 pm

QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत ने चीन को पछाड़ा, लिस्ट में भारत के 148 यूनिवर्सिटी को स्थान

विश्व में अपनी अलग पहचान बना रहा भारत आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भारत ने कुछ ऐसा ही मुकाम हासिल किया है। आईआईटी मुंबई ने क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2024 में भारत में शीर्ष पर और एशिया में 40वां स्थान हासिल किया है। 

भारत के IIT संस्थान रैंकिंग में शामिल
दुनियाभर के विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों की रैंकिंग जारी करने वाली ब्रिटिश संस्था क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) ने क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 जारी की है। इसके साथ ही, आईआईटी दिल्ली, भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी कानपुर, आईआईटी मद्रास और दिल्ली विश्वविद्यालय भी शीर्ष 100 में शामिल हैं।

भारत की 148 यूनिवर्सिटी लिस्ट 
खास बात ये है कि क्यूएस की इस लिस्ट में भारतीय यूनिवर्सिटी की संख्या सबसे ज्यादा है। भारत ने इस रैंकिंग में चीन को पीछे छोड़ दिया है। जहां भारत की 148 यूनिवर्सिटी लिस्ट में हैं वहीं चीन के 133 और जापान के 96 है। क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में आईआईटी दिल्ली 46वें, आईआईटी मद्रास 53वें, आईआईएससी 52वें और आईआईटी खड़गपुर 61वें स्थान पर है। 

क्यूएस रैंकिग में भारत के लिए क्या कहा गया

क्यूएस में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बेन सॉटर ने भारत को लेकर कहा कि क्यूएस रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों की बढ़ती संख्या भारत के उच्च शिक्षा परिदृश्य के विस्तार को दर्शाती है। जहां भारतीय संस्थानों की संख्या और उनके अनुसंधान योगदान में वृद्धि क्षेत्र की शैक्षिक रूपरेखा में अहम विकास का प्रतीक है, वहीं यह वैश्विक शैक्षणिक समुदाय में अपनी स्थिति को और बेहतर करने में भारत के लिए आगे का रास्ता प्रशस्त करती है।

वहीं क्यूएस की ओर से जारी बयान के मुताबिक आईआईटी बंबई 1,44,000 शिक्षाविदों और नियोक्ताओं की विशेषज्ञ राय के आधार पर शैक्षणिक और नियोक्ता प्रतिष्ठा संकेतक दोनों में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी है। प्रभावशाली ढंग से, यह नियोक्ता प्रतिष्ठा में शीर्ष 20 एशियाई संस्थानों में शुमार है।
प्रति संकाय पेपर के लिए एशिया के 10 सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से सात भारतीय हैं जिनमें अन्ना विश्वविद्यालय और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
भारत एकेडमिक रेपुटेशन और एंप्लॉयर रेप्यूटेशन में क्षेत्रीय औसत से नीचे है, लेकिन इसने 10 से अधिक विश्वविद्यालयों के साथ उच्च शिक्षा व्यवस्था में प्रति संकाय ‘मीट्रिक पेपर’ में दूसरा सबसे अच्छा क्षेत्रीय परिणाम हासिल किया है।
इसके अलावा क्यूएस के मुताबिक भारत ने पीएचडी संकेतक में कर्मचारियों के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ औसत अंक हासिल किए हैं, जो मजबूत अनुसंधान परिणाम और उच्च योग्यता प्राप्त संकाय निकाय का संकेत देता है।

अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क संकेतक में भारत का प्रदर्शन 15.4 अंक के साथ क्षेत्रीय औसत से थोड़ा नीचे है जो 18.8 अंक है। भारत दो महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को संतुलित करने का प्रयास करता प्रतीत होता है जो देश में बड़ी संख्या में छात्रों की जरूरतों को पूरा करना और अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए अपनी अपील को बढ़ाना है। दोनों क्षेत्रों में एक साथ दक्षता हासिल करना एक बड़ी चुनौती है, खासकर उस गति से जो वैश्विक रुझानों से मेल खाती हो।

 

गौरतलब हो कि मौजूदा केंद्र सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र पर ध्यान दिया है। जहां 2014 में क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 16 भारतीय संस्थान शामिल थे, यह संख्या इस बार बढ़कर 148 हो गई। 

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग वैश्विक उच्च शिक्षा विश्लेषक क्वाक्वेरेली साइमंड्स द्वारा संकलित तुलनात्मक विश्वविद्यालय रैंकिंग का एक पोर्टफोलियो है।

कॉपीराइट © 2024 न्यूज़ ऑन एयर। सर्वाधिकार सुरक्षित
आगंतुकों: 861718
आखरी अपडेट: 22nd Apr 2024