रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को गुजरात में चार गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) देश को समर्पित किए और मेहसाणा के लिंच में पांचवें जीसीटी की आधारशिला रखी। उन्होंने शिवलाखा जीसीटी से मीठापुर के लिए नमक से लदी मालगाड़ी को भी हरी झंडी दिखाई। इन टर्मिनलों से राज्य की माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी, कार्गो की तेज आवाजाही में मदद मिलेगी और क्षेत्रीय आर्थिक केंद्रों को राष्ट्रीय बाजारों तथा बंदरगाहों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
कच्छ, मोरबी और बनासकांठा में चार जीसीटी समर्पित
पांच जीसीटी में से कच्छ के शिवलाखा और भीमसार, मोरबी के देवलिया तथा बनासकांठा के चंदिसर स्थित जीसीटी को राष्ट्र को समर्पित किया गया। मेहसाणा के लिंच में जीसीटी की आधारशिला रखी गई। ये टर्मिनल माल ढुलाई के लिए रेल क्षमता बढ़ाने, बंदरगाहों पर भीड़ और रुकावट कम करने तथा गुजरात के बंदरगाहों और उत्तरी अंदरूनी इलाकों के बीच माल ढुलाई संपर्क मजबूत करने में मदद करेंगे।
क्षेत्रीय कारोबार को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ेंगे जीसीटी
नए टर्मिनल स्थानीय आर्थिक केंद्रों को बड़े राष्ट्रीय बाजारों और बंदरगाहों से जोड़ेंगे। इससे क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक, व्यापारिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ रसद लागत कम करने और माल की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
नमक की ढुलाई के लिए रेल परिवहन को बढ़ावा
शिवलाखा जीसीटी से मीठापुर के लिए नमक से लदी मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि गुजरात, खासकर कच्छ, नमक का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है। देश के विभिन्न हिस्सों तक नमक पहुंचाने में पारंपरिक रूप से कई चुनौतियां रही हैं। उन्होंने कहा कि नमक आवश्यक सामग्री है और गरीब तथा मध्यम वर्गीय परिवारों समेत हर घर में इसका इस्तेमाल होता है।
हल्के स्टेनलेस स्टील कंटेनर से आसान होगी ढुलाई
रेल मंत्री ने बताया कि पारंपरिक रेलवे वैगनों से नमक के परिवहन में वैगन के अपने वजन के कारण माल ढुलाई की क्षमता प्रभावित होती थी। इसके अलावा नमक नमी सोख लेता है, जिससे परिवहन के दौरान माल गीला होने और लोडिंग-अनलोडिंग में कठिनाई की समस्या आती थी। उन्होंने कहा कि नया हल्के वजन वाला स्टेनलेस स्टील सॉल्ट कंटेनर इन चुनौतियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें ऊपर से लोडिंग और साइड से अनलोडिंग की सुविधा है। इससे नमक की लोडिंग, अनलोडिंग और परिवहन अधिक आसान होगा।
देश में 150 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देशभर में अब 150 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इनसे उद्योगों को लाभ मिल रहा है और माल ढुलाई की कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है।
कच्छ में ₹5,600 करोड़ की रेलवे परियोजनाओं पर काम
कच्छ में रेलवे बुनियादी ढांचे के विकास की जानकारी देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में लगभग ₹5,600 करोड़ की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने समाखियाली, भचाऊ, गांधीधाम, आदिपुर और भुज को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण हिस्सों में क्षमता बढ़ाने और डबलिंग के कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भुज-नलिया गेज कन्वर्जन परियोजना से क्षेत्र में रेल संपर्क मजबूत हुआ है। नलिया-जखाऊ पोर्ट के लिए नई ब्रॉड गेज लाइन को भी मंजूरी मिल गई है।
कांडला-गांधीधाम क्षेत्र में रेल क्षमता का विस्तार
कांडला-गांधीधाम औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए वैष्णव ने कहा कि क्षमता बढ़ाने के माध्यम से रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है। समाखियाली-भचाऊ सेक्शन को चार लाइन का बनाया जा चुका है। गांधीधाम-आदिपुर सेक्शन भी चार लाइन का हो चुका है, जबकि आदिपुर-भुज सिंगल लाइन सेक्शन को डबल लाइन में बदला जा रहा है।
नलिया से जखाऊ पोर्ट तक नेटवर्क का विस्तार
रेल मंत्री ने कहा कि भुज-नलिया सेक्शन को हाल ही में मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदला गया है। नलिया से जखाऊ पोर्ट, वायोर, लूना, हाजीपुर और देसलपार तक रेलवे नेटवर्क को भी विकसित किया जा रहा है।
रक्षा और उद्योगों के साथ स्थानीय लोगों को भी लाभ
वैष्णव ने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार से कच्छ क्षेत्र को, खासकर रक्षा क्षेत्र और उद्योग जगत की जरूरतों के लिए, लाभ होगा। इससे इस चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये पहल गुजरात में माल ढुलाई और यात्री बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ रेल सेवाओं और कार्गो सुविधाओं तक पहुंच बेहतर बनाएंगी।
समर्पित माल ढुलाई गलियारे से तेज होगी आवाजाही
समर्पित माल ढुलाई गलियारे के संबंध में रेल मंत्री ने कहा कि हाल में हुए बुनियादी ढांचे के विकास से माल ढुलाई में लाभ होगा। इससे सामान की आवाजाही तेज और अधिक सुगम होगी। उन्होंने बताया कि ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कनेक्टिविटी बढ़ाने का काम भी चल रहा है।
वापी-सूरत हाई-स्पीड रेल सेक्शन दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना के बारे में वैष्णव ने कहा कि वापी-सूरत सेक्शन का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद परीक्षण और अन्य संबंधित कार्य किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि भारत की अपनी हाई-स्पीड ट्रेन का पहला कोच तैयार हो चुका है और उस पर विभिन्न परीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रयासों और हाई-स्पीड रेल तकनीक में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के तहत विकसित की जा रही है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद
कार्यक्रम में गुजरात सरकार के राज्य मंत्री त्रिकमभाई छंगा, सांसद विनोदभाई चावड़ा, हरिभाई पटेल, राजूभाई शुक्ला और चंदूभाई सिहोरा सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। (इनपुट: पीआईबी)


