प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात की और केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस बीच बाढ़ प्रभावित वलसाड जिले के लिए एनडीआरएफ की दो और टीमें दिल्ली से हवाई मार्ग से भेजी गई हैं। फोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री ने भारी बारिश से हुए नुकसान और चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों की जानकारी ली।
राज्य सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि प्रभावित इलाकों में बचाव, राहत और लोगों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार पूरी सहायता करेगी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब लगातार हो रही बारिश के कारण सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल वलसाड में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। फिलहाल, वलसाड में एनडीआरएफ की तीन टीमें और एसडीआरएफ की पांच टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव और राहत कार्य कर रही हैं।
राहत कार्यों को और मजबूत करने के लिए एनडीआरएफ की दो अतिरिक्त टीमें नई दिल्ली से हवाई मार्ग से भेजी जा रही हैं, जो गुरुवार की शाम तक वलसाड पहुंच जाएंगी। राज्य सरकार ने बताया कि सेना के 70 जवानों की एक टुकड़ी भी पांच नावों के साथ बचाव कार्य में मदद के लिए भेजी जा रही है। इसके अलावा, 25 सदस्यीय फायर सर्विस की एक टीम भी वलसाड भेजी जा रही है, ताकि स्थानीय प्रशासन को बाढ़ से निपटने में मदद मिल सके।
यह अतिरिक्त मदद ऐसे समय भेजी गई है जब दक्षिण गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य सरकार लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही है। इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का दौरा किया। वहां उन्होंने अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की।
सीएम ने वलसाड के कलेक्टर और मंत्री नरेश पटेल से बात कर बचाव कार्यों की जानकारी ली और जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ की और टीमें भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने सूरत और नवसारी के कलेक्टरों को भी निर्देश दिया कि जहां जरूरत हो, वहां निचले और जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की। अमित शाह ने राज्य को बचाव और राहत कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर जरूरी मदद का भरोसा दिया।
पिछले दो दिनों से दक्षिण गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वलसाड में कई इलाकों में बाढ़ आ गई है, जबकि आसपास के जिलों में भी भारी बारिश का असर देखा गया है।
डांग जिले में भारी बारिश के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं। नवसारी में जूज और केलिया बांध ओवरफ्लो हो गए हैं, जिसके बाद नीचे के गांवों के लिए चेतावनी जारी की गई है। वहीं, तापी जिले में बचाव दलों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। एहतियात के तौर पर गुरुवार को सूरत जिले के सभी स्कूल बंद रखे गए।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों में आगे भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बचाव व राहत कार्य जारी हैं। (इनपुट-आईएएनएस)


