मिज़ोरम, जो अब तक देश के रेल मानचित्र पर नहीं था, अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की मुख्यधारा से मजबूती से जुड़ चुका है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 13 सितम्बर को बैराबी-सैरांग रेल लाइन के उद्घाटन के बाद मिज़ोरम को उसकी पहली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन मिली है, सैरांग-आनंद विहार टर्मिनल राजधानी एक्सप्रेस।
यह ऐतिहासिक कदम न सिर्फ़ मिज़ोरम के लोगों के लिए एक नई शुरुआत है, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की प्रगति और समावेशी विकास की दिशा में मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
155% से अधिक यात्रियों की रिकॉर्ड बुकिंग
प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद इस रेल सेवा को आम जनता के लिए 19 सितम्बर से शुरू किया गया। यह ट्रेन सैरांग से आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) के बीच चलती है। शुरुआत के कुछ ही दिनों में इस ट्रेन ने यात्रियों का दिल जीत लिया है, ट्रेन की औसत यात्री भराव दर 155% से अधिक दर्ज की गई है।
ट्रेन संख्या 20507 (सैरांग–आनंद विहार टर्मिनल) में 162.5% तक यात्री भरे, जबकि वापसी सेवा 20508 (आनंद विहार–सैरांग) में 158.3% की अभूतपूर्व ऑक्यूपेंसी दर्ज हुई। यह आंकड़े मिज़ोरम की जनता के लंबे समय से चले आ रहे रेल कनेक्टिविटी के सपने के प्रति उनके उत्साह और आभार को स्पष्ट करते हैं।
18 प्रमुख स्टेशनों से होकर गुज़रेगी राजधानी एक्सप्रेस
यह नई राजधानी एक्सप्रेस मिज़ोरम के सैरांग से दिल्ली तक की यात्रा में 18 प्रमुख स्टेशनों पर ठहरती है, जिनमें बैराबी, हैलाकांडी, बदरपुर, न्यू हाफलांग, होजई, गुवाहाटी, रंगिया, बारपेटा रोड, न्यू बोंगाईगांव, न्यू कूचबिहार, न्यू जलपाईगुड़ी, मालदा टाउन, साहिबगंज, भागलपुर, जमालपुर, पटना, डी.डी. उपाध्याय जंक्शन और कानपुर सेंट्रल जैसे स्टेशन शामिल हैं।
समय और संचालन
•सैरांग-दिल्ली (ट्रेन संख्या 20507) हर शुक्रवार शाम 4:30 बजे सैरांग से रवाना होती है और तीसरे दिन सुबह 10:50 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचती है।
•दिल्ली-सैरांग (ट्रेन संख्या 20508) हर रविवार शाम 7:50 बजे आनंद विहार से प्रस्थान करती है और तीसरे दिन दोपहर 3:15 बजे सैरांग पहुंचती है।
पूर्वोत्तर के लिए मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि
यह परियोजना न केवल मिज़ोरम, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती है। बैराबी-सैरांग रेल लाइन के पूरा होने से मिज़ोरम अब सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विज़न के तहत यह कनेक्टिविटी पूर्वोत्तर के आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास को नई दिशा देगी।
मिज़ोरम के लोगों के लिए यह केवल एक रेल सेवा नहीं, बल्कि दशकों पुराने सपने की साकार परिणति है, वह सपना जिसमें उन्होंने अपने राज्य को भारत की तेज़ी से विकसित हो रही मुख्यधारा का हिस्सा बनने की आकांक्षा देखी थी।
-(लेखिका आशिका सिंह का पत्रकारिता जगत में 18 वर्षों का अनुभव है, वर्तमान में वे प्रसार भारती न्यूज सर्विस के साथ जुड़ी हैं)


