राजनाथ सिंह ने रखी रक्षा परियोजनाओं की आधारशिला, कुरनूल में बनेगी ड्रोन सिटी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्र बाबू नायडू ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले के पुट्टपर्थी में कई रणनीतिक एयरोस्पेस और रक्षा परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस दौरान एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) के लिए कोर इंटीग्रेशन एंड फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर तथा नौसेना प्रणाली विनिर्माण सुविधा की शुरुआत की गई। इसके साथ ही गोला-बारूद, प्रणोदक और फ्यूज निर्माण से जुड़ी निजी क्षेत्र की परियोजनाओं का भी शिलान्यास हुआ। राज्य में ड्रोन सिटी विकसित करने के लिए आठ कंपनियों ने सहयोग समझौता भी किया।

एएमसीए परियोजना को मिलेगा बड़ा आधार

पुट्टपर्थी में स्थापित होने वाला कोर इंटीग्रेशन एंड फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर पांचवीं पीढ़ी के मध्यम श्रेणी के उन्नत लड़ाकू विमान एएमसीए और अन्य स्वदेशी प्लेटफॉर्मों के विकास को गति देगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि लगभग 15 हजार करोड़ रुपए की एएमसीए परियोजना में यह केंद्र अहम भूमिका निभाएगा। इसकी स्थापना करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पुट्टपर्थी दुनिया के चुनिंदा उन स्थानों में शामिल होगा जहां से पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान उड़ान भरेंगे। उनके अनुसार यह केंद्र ऐसे विमान के विकास का आधार बनेगा जो अत्याधुनिक क्षमता से लैस होगा।

नौसेना और रक्षा उत्पादन को मजबूती

अनाकापल्ली जिले के टी सिरासापल्ली गांव में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड की नौसेना प्रणाली निर्माण सुविधा की भी आधारशिला रखी गई। लगभग 480 करोड़ रुपए की यह परियोजना पनडुब्बी हथियारों, जलमग्न प्रतिवाद प्रणालियों और अगली पीढ़ी के टॉरपीडो के निर्माण पर केंद्रित होगी।

रक्षा मंत्री ने कहा कि यहां ऐसे कई महत्वपूर्ण उपकरण और उप-प्रणालियां तैयार की जाएंगी जिन्हें अब तक विदेशों से आयात किया जाता रहा है। इससे भारतीय नौसेना की क्षमता और समुद्री सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।

निजी क्षेत्र की रक्षा परियोजनाओं पर जोर

श्री सत्य साई जिले के मदाकासिरा में डिफेंस एनर्जेटिक्स फैसिलिटी और गोला-बारूद एवं इलेक्ट्रिक फ्यूज संयंत्र का भूमि पूजन भी किया गया। भारत फोर्ज लिमिटेड की सहायक कंपनी अग्नेयास्त्र एनर्जेटिक्स लिमिटेड लगभग 1,500 करोड़ रुपए के निवेश से रक्षा ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेगी।

वहीं, एचएफसीएल लिमिटेड करीब 1,200 करोड़ रुपए के निवेश से गोला-बारूद और इलेक्ट्रिक फ्यूज संयंत्र स्थापित करेगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि फ्यूज किसी भी गोला-बारूद का सबसे अहम हिस्सा होता है और यह परियोजना देश को गोला-बारूद निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

कुरनूल में बनेगी ड्रोन सिटी

आठ ड्रोन कंपनियों के समूह ने कुरनूल में ड्रोन सिटी स्थापित करने के लिए सहयोग समझौता किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन तकनीक निर्णायक भूमिका निभा रही है और अन्य क्षेत्रों में भी इसकी उपयोगिता तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह सूरत डायमंड सिटी और बेंगलुरु सिलिकॉन वैली के रूप में पहचाने जाते हैं, उसी तरह यह क्षेत्र भविष्य में देश के ड्रोन हब के रूप में जाना जाएगा।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर

रक्षा मंत्री ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाकर रक्षा निर्माण को जन आंदोलन में बदलने में सफल रही है।

उन्होंने बताया कि रक्षा उत्पादन 2014 के 46 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर अब लगभग 1.54 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है और अगले एक-दो महीनों में यह 1.75 लाख करोड़ रुपए के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू सकता है। रक्षा निर्यात भी लगभग 600 करोड़ रुपए से बढ़कर करीब 40 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

गलत सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील

अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने लोगों से गलत सूचनाओं और अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुश्मन केवल हथियारों से ही नहीं बल्कि अफवाहों और दुष्प्रचार के जरिए भी देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए नागरिकों को जागरूक और सतर्क रहना होगा।

मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्र के प्रयासों की सराहना की

मुख्यमंत्री एन चंद्र बाबू नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों में सुधार, निवेश और नवाचार के कारण भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत हुई है।

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की तकनीकी प्रगति और रक्षा आत्मनिर्भरता का उदाहरण बताया। साथ ही उद्योगों और उद्यमियों से आंध्र प्रदेश में डिजाइन, निर्माण और नेतृत्व करने का आह्वान किया।  (इनपुट: पीआईबी)