Print

ऑफिस रियल एस्टेट में रिकॉर्ड साल: 2025 में भारत के टॉप शहरों में 61.4 MSF नेट एब्जॉर्प्शन

भारत के ऑफिस सेक्टर ने 2025 में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया, जिसमें टॉप आठ शहरों में 61.4 मिलियन स्क्वायर फीट (MSF) का नेट एब्जॉर्प्शन दर्ज किया गया। कुशमैन एंड वेकफील्ड की ऑफिस Q4 मार्केटबीट रिपोर्ट के अनुसार, यह परफॉर्मेंस पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है और इस सेक्टर के लिए अब तक का सबसे मजबूत साल है।
नेट एब्जॉर्प्शन रियल एस्टेट डिमांड का एक मुख्य इंडिकेटर है, जो इस्तेमाल किए गए ऑफिस स्पेस में नेट बदलाव को दिखाता है।

नेट एब्जॉर्प्शन में बढ़ोतरी मुख्य रूप से बेंगलुरु और दिल्ली NCR की वजह से हुई। बेंगलुरु 14.4 MSF के साथ मार्केट में सबसे आगे रहा, उसके बाद दिल्ली NCR 10.9 MSF के साथ दूसरे नंबर पर रहा, इन दोनों शहरों को मिलाकर कुल नेशनल एब्जॉर्प्शन का 41 प्रतिशत हिस्सा बनता है। चेन्नई और दिल्ली NCR सबसे तेजी से बढ़ने वाले मार्केट के रूप में उभरे, जिन्होंने पिछले साल की तुलना में क्रमशः 187 प्रतिशत और 82 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। अन्य महत्वपूर्ण योगदान देने वालों में मुंबई 9.6 MSF, हैदराबाद 9.1 MSF, पुणे 8.2 MSF, चेन्नई 7.0 MSF, कोलकाता 1.4 MSF और अहमदाबाद 0.8 MSF शामिल हैं।

वीरा बाबू, एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर, टेनेंट रिप्रेजेंटेशन, कुशमैन एंड वेकफील्ड ने कहा, “बेंगलुरु, दिल्ली NCR और मुंबई ने मिलकर नेट एब्जॉर्प्शन के आधे से ज़्यादा हिस्से का योगदान दिया, जबकि चेन्नई में तेजी नए अवसरों के गलियारों के उदय का संकेत देती है। जैसे-जैसे ये रणनीतियाँ विकसित होंगी और डिमांड उभरते हुए माइक्रो-मार्केट में फैलेगी, भारत का ऑफिस सेक्टर खुद को ढालता रहेगा और ऐसे स्पेस देगा जो एक डायनामिक, भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स को सशक्त बनाएंगे।”

साल के लिए ग्रॉस लीजिंग वॉल्यूम (GLV) लगभग 89 MSF रहा, जो पिछले साल के रिकॉर्ड हाई के बराबर है। नई लीजिंग डिमांड का मुख्य ड्राइवर रही, जो कुल सालाना GLV का लगभग 80 प्रतिशत थी। यह ट्रेंड प्रीमियम ऑफिस स्पेस के लिए लगातार पसंद को दिखाता है क्योंकि कंपनियां अपने ऑपरेशंस का विस्तार कर रही हैं।

सेक्टर के नज़रिए से, IT-BPM प्रमुख शक्ति बना रहा, जिसने कुल लीजिंग में 31 प्रतिशत का योगदान दिया। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) भी एक नई ऊंचाई पर पहुँचे, उन्होंने 29.3 MSF की लीजिंग की और सालाना वॉल्यूम का 33 प्रतिशत हिस्सा बनाया। कुशमैन एंड वेकफील्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव – इंडिया, SEA, MEA और APAC ऑफिस और रिटेल, अंशुल जैन ने कहा, “ऑक्यूपायर का भरोसा, गहरी स्ट्रक्चरल डिमांड, और लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट भारत को ग्लोबल एंटरप्राइज फैसले लेने में सबसे आगे रखेगा। GCC एक्सपेंशन कुल लीजिंग का लगभग एक-तिहाई है, साथ ही टेक्नोलॉजी को अपनाने में बढ़ोतरी, एक डाइवर्सिफाइड ऑक्यूपायर बेस और एक बड़ा टैलेंट पूल, भारत 2026 और उसके बाद भी ग्लोबल ऑफिस मार्केट में अपनी लीडरशिप बनाए रखने के लिए अच्छी स्थिति में है।”

मार्केट में रिकॉर्ड सप्लाई भी देखी गई, जो पहली बार 50 MSF की सीमा को पार करके 53 MSF तक पहुंच गई। सप्लाई में इस बढ़ोतरी के बावजूद, मजबूत डिमांड के कारण खाली जगहों के लेवल में काफी कमी आई, जो साल-दर-साल 210 बेसिस पॉइंट कम हो गया। सभी आठ प्रमुख शहरों में किराए में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें हैदराबाद और मुंबई 12 से 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ सबसे आगे रहे।

(इनपुट- एजेंसी)

RELATED ARTICLES

52 mins ago | banking sector

सरकार ने आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन को दी मंजूरी

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने आईडीबीआई बैंक लिमिटेड के रणनीतिक पुनर्गठन को म...

1 hour ago | Anita Anand

प्रधानमंत्री मोदी से मिलीं कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद, व्यापार-तकनीक समेत कई मुद्दों पर चर्चा

कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरा...