जनगणना-2027 की तैयारियां अंतिम चरण में; अप्रैल 2026 से शुरू होगा हाउसलिस्टिंग चरण: RGI

भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त (RGI) मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को घोषणा की कि जनगणना-2027 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। आगामी जनगणना का पहला चरण — हाउसलिस्टिंग और आवास जनगणना (HLO) — अप्रैल 2026 से कई राज्यों में शुरू हो जाएगा। उन्होंने नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी।

जनगणना दो चरणों में होगी:

जनगणना-2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी:

पहला चरण: हाउसलिस्टिंग और आवास जनगणना (HLO)

– इस चरण में सभी इमारतों, ढांचों की सूची तैयार की जाएगी। 
– रहने की स्थिति, सुविधाओं, संपत्तियों की जानकारी ली जाएगी। 
– हर इमारत को जियो-टैगिंग कर एक विशेष पहचान नंबर दिया जाएगा। 
– यह चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा।

दूसरा चरण: जनसंख्या गणना (Population Enumeration – PE)

– इसमें हर व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र की जाएगी, जिसमें उम्र, लिंग, पेशा, साक्षरता, जाति आदि शामिल होंगे। 
– संदर्भ तिथि (Reference Date): 1 मार्च 2027 (सामान्य क्षेत्रों के लिए) 
– बर्फीले क्षेत्रों (लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड) के लिए संदर्भ तिथि: 1 अक्टूबर 2026

संदर्भ तिथि का महत्व

रजिस्ट्रार जनरल ने बताया कि संदर्भ तिथि पूरे देश के लिए एक समान “स्नैपशॉट” का काम करती है, जिससे डेटा की सटीकता, निरंतरता और वैधता सुनिश्चित होती है। डिजिटल व्यवस्था और सेल्फ-एनुमरेशनइस जनगणना में डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा। नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करके सेल्फ-एनुमरेशन (खुद गिनती) कर सकेंगे। यह सुविधा हाउसलिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले 30 दिनों तक उपलब्ध रहेगी, जिससे गिनती करने वालों पर निर्भरता कम होगी।

समय-सीमा

अप्रैल 2026: 11 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश 
मई 2026: 9 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश 
जून 2026: 3 
जुलाई 2026: 2 
अगस्त 2026: 2

अन्य महत्वपूर्ण बातें

– पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। 
– केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिसंबर 2025 में जनगणना के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये का खर्च मंजूर किया है। 
– पूरे देश में 80,000 से अधिक ट्रेनिंग बैच तैयार किए गए हैं। 
– जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। इसे RTI के तहत नहीं मांगा जा सकता, अदालत में सबूत के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और न ही किसी अन्य संगठन के साथ साझा किया जा सकता है। 
– डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत इंतजाम किए गए हैं। डेटा केंद्रों को ‘क्रिटिकल इन्फॉर्मेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर’ घोषित किया गया है।

रजिस्ट्रार जनरल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर फील्डवर्क को सफल बनाने के लिए उनकी पूरी प्रशासनिक मशीनरी लगी हुई है। यह जनगणना देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं को बनाने और लागू करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। (इनपुट-एजेंसी)