भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए बिजली क्षेत्र के उपभोक्ताओं को राहत देने वाली नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत प्रदर्शन प्रोत्साहन (पीआई) में छूट और नकद छूट दी जाएगी।
एफएसए उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
यह योजना ईंधन आपूर्ति समझौते (एफएसए) के तहत आने वाले सभी पात्र बिजली उपभोक्ताओं पर लागू होगी। इसमें फ्लेक्सी-लिंकेज योजना के लाभार्थी भी शामिल हैं। प्रोत्साहन वास्तविक कोयला खपत के आधार पर तय होंगे और रेल, सड़क व आरसीआर माध्यमों से आपूर्ति को ध्यान में रखकर लागू किए जाएंगे।
खपत के आधार पर तय होंगे प्रोत्साहन
योजना के अनुसार, यदि कोयला खपत त्रैमासिक मात्रा (क्यूक्यू) के 120% से कम रहती है, तो केवल मौजूदा एफएसए नियमों के तहत ही पीआई लागू होगा और कोई नकद छूट नहीं मिलेगी। साथ ही धुले हुए कोयले (डब्ल्यूपीसी) को पीआई गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।
120% से अधिक खपत पर नकद छूट
अगर खपत क्यूक्यू के 120% से 140% के बीच होती है, तो 100% से अधिक उठाए गए कोयले पर 5% की नकद छूट दी जाएगी। हालांकि, क्यूक्यू के 90% से अधिक मात्रा पर पीआई लागू नहीं होगा। यह छूट केवल कच्चे कोकिंग कोयले और डब्ल्यूपीसी पर लागू होगी, जिसकी गुणवत्ता की पुष्टि जरूरी होगी।
140% से ज्यादा उठाव पर बढ़ेगा फायदा
यदि कोयले का उठाव क्यूक्यू के 140% से अधिक होता है, तो 100% से ऊपर की मात्रा पर 10% तक की नकद छूट मिलेगी। इस स्थिति में भी क्यूक्यू के 90% से अधिक पर पीआई लागू नहीं होगा।
अधिक खरीद के लिए प्रोत्साहन
बीसीसीएल ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने के लिए कोयले की खरीद बढ़ाएं, खासकर रेल मार्ग के जरिए। साथ ही सड़क और आरसीआर माध्यमों से भी पर्याप्त उठाव सुनिश्चित करने को कहा गया है।
ऊर्जा आपूर्ति को मिलेगा बल
इस पहल का उद्देश्य कोयले की खपत बढ़ाना, लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाना और बिजली क्षेत्र की लागत कम करना है। इससे देश में स्थिर बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और कोयला आपूर्ति श्रृंखला भी मजबूत होगी। (इनपुट: पीआईबी)


