रूमेटॉयड आर्थराइटिस: लक्षण दिखने से पहले ही शरीर में शुरू हो जाती है बीमारी

हाल ही में एक अध्ययन में पता चला है कि रूमेटॉयड आर्थराइटिस (RA) — एक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी — लक्षण दिखने से कई साल पहले ही चुपचाप शरीर में शुरू हो जाती है। यह खोज समय से पहले इलाज और रोकथाम के रास्ते खोल सकती है।

RA एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करती है, जिससे जोड़ों में दर्द, सूजन और नुकसान होता है।

अध्ययन में क्या पाया गया

Science Translational Medicine जर्नल में प्रकाशित इस शोध के अनुसार RA के शुरुआती चरण में शरीर एक प्रकार की “गुप्त” प्रतिरक्षा लड़ाई लड़ता है, जो केवल जोड़ों तक सीमित नहीं होती बल्कि पूरे शरीर में सूजन फैलाती है — जैसे सक्रिय RA में देखा जाता है।

Mark Gillespie, असिस्टेंट इन्वेस्टिगेटर, Allen Institute, यूएस ने कहा,
“हमें उम्मीद है कि यह अध्ययन यह संदेश देगा कि रूमेटॉयड आर्थराइटिस पहले से कहीं जल्दी शुरू हो जाती है और यह शोध रोग विकास को रोकने के लिए बेहतर रणनीतियों के निर्माण में मदद करेगा।”

अध्ययन में उन लोगों का निरीक्षण किया गया जिनके शरीर में ACPA एंटीबॉडीज थीं — जो RA का खतरा दर्शाने वाले बायोमार्कर हैं। शोध में कई ऐसे नए कारक पाए गए जो बीमारी के विकास में भूमिका निभाते हैं — जैसे व्यापक सूजन, प्रतिरक्षा कोशिका की गड़बड़ी, और सेलुलर रीप्रोग्रामिंग।

RA के जोखिम वाले लोगों में कई प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिकाओं में असामान्यताएँ पाई गईं।

B-सेल्स — जो आमतौर पर सुरक्षा एंटीबॉडी बनाती हैं — सूजन फैलाने वाली स्थिति में बदल चुकी थीं।

T-हेल्पर कोशिकाएं, विशेष रूप से Tfh17 जैसी, सामान्य स्तर से बहुत अधिक बढ़ी हुई थीं।

“नैव” T-सेल्स — वे कोशिकाएं जो पहले किसी खतरे का सामना नहीं कर चुकी — में भी एपिजेनेटिक बदलाव पाए गए।

शोध में यह भी पाया गया कि रक्त में मौजूद मोनोसाइट्स (श्वेत रक्त कोशिकाएं) उच्च स्तर पर सूजन पैदा करने वाले अणु उत्पन्न कर रहे थे। ये कोशिकाएं RA मरीजों के सूजनयुक्त जोड़ों की कोशिकाओं से मिलती-जुलती थीं, जिससे संकेत मिलता है कि बीमारी जोड़ों को निशाना बनाने की तैयारी पहले से कर रही होती है।

भविष्य के लिए संकेत

यह अध्ययन नए प्रारंभिक चेतावनी संकेत (बायोमार्कर और इम्यून सिग्नेचर) पेश करता है, जो डॉक्टरों को यह पहचानने में मदद कर सकते हैं कि किस व्यक्ति में RA विकसित होने की संभावना है। इसका मतलब है कि समय रहते निगरानी और इलाज शुरू किया जा सकता है, जिससे मरीजों को कई सालों के दर्द और अक्षमता से बचाया जा सकता है।

-(इनपुट-एजेंसी)