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नोएडा में स्वाइन फ्लू-डेंगू का खतरा, स्कूलों ने अभिभावकों को जारी की एडवाइजरी

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू और डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी की खबरों के बीच जिले के कई स्कूलों ने सावधानी बढ़ा दी है। बच्चों को मौसमी बीमारियों और संक्रमण से बचाने के लिए स्कूलों ने अभिभावकों को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

स्कूलों ने अभिभावकों से कहा है कि अगर बच्चे को सर्दी, खांसी, बुखार या फ्लू जैसे लक्षण हैं तो उसे स्कूल न भेजें। बच्चे के ठीक होने तक उसे घर पर आराम कराएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।

स्कूलों ने अभिभावकों से यह भी कहा है कि केवल नियमित उपस्थिति बनाए रखने के लिए बीमार बच्चे को स्कूल न भेजें। इससे बच्चे की सेहत प्रभावित होने के साथ-साथ दूसरे छात्रों में भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।

साफ-सफाई पर जोर

संक्रमण से बचाव के लिए स्कूलों में बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने, साफ-सफाई रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

बच्चों को आंख, नाक और मुंह को बिना जरूरत छूने से बचने की सलाह दी गई है। स्कूल प्रशासन कक्षाओं और सामान्य स्थानों की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।

डेंगू को लेकर भी बढ़ाई निगरानी

डेंगू के खतरे को देखते हुए स्कूल परिसरों में मच्छरों के पनपने और पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित जांच की जा रही है। कूलर, गमले, छत और अन्य जगहों पर पानी जमा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जमा हुआ पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है, जिससे डेंगू फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

गंभीर लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क की सलाह

स्कूलों ने अभिभावकों से बच्चों में लगातार बने रहने वाले या गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील की है। यदि बच्चे को लगातार बुखार, बहुत ज्यादा कमजोरी, सांस लेने में परेशानी या कोई अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दे तो डॉक्टर से सलाह लेने को कहा गया है।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की नियमित पढ़ाई जरूरी है, लेकिन उनकी सेहत और सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। स्कूलों का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग, स्कूलों और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल से संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है।

-(इनपुटः IANS)