अंतिम फायर सेफ्टी मंजूरी के बाद शुरू होगा आरएमएल अस्पताल का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (एबीवीआईएमएस) एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल का बहुप्रतीक्षित सुपर स्पेशियलिटी (एसएस) ब्लॉक जल्द ही मरीजों के लिए शुरू होने जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, भवन को अंतिम वैधानिक अग्नि सुरक्षा मंजूरी मिलते ही पहले चरण की स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।

पहले चरण में शुरू होंगी ओपीडी, डायलिसिस और रेडियोलॉजी सेवाएं

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पहले चरण में सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी, अत्याधुनिक डायलिसिस यूनिट तथा सीटी और एमआरआई जैसी उन्नत जांच सुविधाओं से लैस रेडियोलॉजी विभाग शुरू किया जाएगा। इन सेवाओं के शुरू होने से मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों तक आसान पहुंच, उच्च गुणवत्ता वाली जांच सुविधाएं और किडनी रोगियों के लिए बेहतर डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध होंगी।

अंतिम अग्नि सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में

वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को वर्ष 2022 में योजना और निर्माण स्तर पर अग्नि सुरक्षा संबंधी स्वीकृति मिल चुकी थी। हालांकि, भवन के उपयोग से पहले अंतिम वैधानिक अग्नि सुरक्षा मंजूरी लेना अनिवार्य है। इसके तहत सभी तकनीकी निरीक्षण और सुरक्षा मानकों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है।

फायर टेंडर की पहुंच सहित सुरक्षा मानकों का सत्यापन

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, अग्निशमन विभाग ने भवन का विस्तृत निरीक्षण किया है और यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी आपात स्थिति में फायर टेंडर भवन के चारों ओर सुरक्षित रूप से संचालित हो सकें। अंतिम मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद जताई गई है।

पार्किंग संबंधी बाधाएं भी हुईं दूर

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन (डीयूएसी) द्वारा पहले उठाए गए पार्किंग संबंधी मुद्दों का समाधान कर लिया गया है। इसके साथ ही परियोजना के संचालन में आने वाली प्रमुख प्रशासनिक और तकनीकी बाधाएं समाप्त हो गई हैं।

चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी नई सुविधाएं

अस्पताल प्रशासन ने नई सुविधा को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की रणनीति अपनाई है, ताकि मौजूदा स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुए बिना मरीजों को नई अधोसंरचना का लाभ मिल सके। विशेषज्ञ ओपीडी शुरू होने से विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों में मरीजों की पहुंच आसान होगी, प्रतीक्षा अवधि घटेगी और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान एवं उपचार संभव होगा।

डायलिसिस और जांच सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी

नई डायलिसिस यूनिट से क्रॉनिक किडनी डिजीज और एंड-स्टेज रीनल डिजीज से पीड़ित मरीजों के उपचार की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वहीं, आधुनिक सीटी और एमआरआई सुविधाओं के माध्यम से तेज, सटीक और गुणवत्तापूर्ण डायग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बहु-विषयक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की सुलभता

अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण के सफल संचालन के बाद अन्य सुपर स्पेशियलिटी विभागों को भी क्रमिक रूप से शुरू किया जाएगा। एकीकृत तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित यह ब्लॉक आरएमएल अस्पताल की मौजूदा अधोसंरचना पर दबाव कम करेगा और एक ही परिसर में बहु-विषयक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना के पूरी तरह शुरू होने से दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी। साथ ही, दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों से आने वाले हजारों मरीजों को भी किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।