NEET पेपर लीक मामले में कोर्ट का बड़ा निर्देश: CBI के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का आदेश

राउज एवेन्यू स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने NEET UG पेपर लीक मामले में CBI का पक्ष रखने के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का निर्देश दिया है। सोमवार को स्पेशल जज अनु ग्रोवर बालीगा ने संबंधित डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन को यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई को स्थगित कर दिया क्योंकि सीबीआई की ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। यह नीट यूजी पेपर लीक मामले में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024 के तहत गठित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली सुनवाई थी। 

मामला क्या है?

सीबीआई के अनुसार, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल उन 13 आरोपियों में शामिल हैं जिन्हें परीक्षा से पहले नीट यूजी पेपर लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपी फिलहाल 6 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी का आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए लीक पेपर हासिल करने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। मांगीलाल के फोन से पेपर बरामद भी हुए हैं। सीबीआई के मुताबिक, मांगीलाल को यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक पेपर मिला था। इसके बाद आरोपियों ने मिलकर एक बड़े नेटवर्क के जरिए पेपर को अन्य उम्मीदवारों को 12 लाख रुपये में बेचा। 12 मई 2026 को दर्ज FIR में BNS, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

कोर्ट की अन्य महत्वपूर्ण टिप्पणियां

– 23 जुलाई को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किया गया था।
– सभी संबंधित मामले अब इसी कोर्ट में ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
– कोर्ट ने पहले आरोपी यश यादव को NEET UG परीक्षा देने और बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति दी थी।

यह मामला देशभर में NEET परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच काफी संवेदनशील माना जा रहा है। कोर्ट की अगली सुनवाई में CBI के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति के बाद मामले की सुनवाई तेज होने की उम्मीद है। (इनपुट-एजेंसी)