ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के माध्यम से नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स 2026 में देशभर की स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिला उद्यमियों के उत्पादों का प्रदर्शन किया। 14 से 17 जुलाई तक आयोजित इस आयोजन में ‘लखपति दीदियों’ को वैश्विक खरीदारों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के सामने अपने उत्पाद और उद्यम प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
‘लखपति दीदियों’ की सफलता को मिला वैश्विक मंच
ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने मंत्रालय के प्रदर्शनी मंडप का उद्घाटन किया। इस दौरान संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा और डीएवाई-एनआरएलएम की निदेशक डॉ. मौलिश्री भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने विभिन्न राज्यों से आई ‘लखपति दीदियों’ से बातचीत की और उनके उत्पादों का अवलोकन किया। मंत्रालय के अनुसार, यह पहल ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती उद्यमशीलता, आय सृजन और स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की क्षमता को प्रदर्शित करती है।
देशभर की पारंपरिक कला और शिल्प का प्रदर्शन
प्रदर्शनी में हथकरघा उत्पाद, ढोकरा धातु शिल्प, कोल्हापुरी चमड़ा शिल्प, जूट, बांस और काष्ठ शिल्प, मनका शिल्प, रेशमी आभूषण तथा जलकुंभी से बने सतत हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित किए गए। मंत्रालय ने कहा कि ये उत्पाद देशभर में महिला-नेतृत्व वाले एसएचजी उद्यमों द्वारा संरक्षित पारंपरिक कौशल, स्थानीय संसाधनों और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।
‘सरस शक्ति कलेक्शन’ बना आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी में डीएवाई-एनआरएलएम के तहत तैयार ‘सरस शक्ति कलेक्शन’ भी प्रस्तुत किया गया। यह ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए उच्च गुणवत्ता वाले हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रीमियम उपहार संग्रह है, जिसे संस्थागत बाजारों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य एसएचजी उत्पादों की ब्रांड पहचान मजबूत करना और महिला उद्यमियों के लिए नए आर्थिक अवसर तैयार करना है।
6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने के लक्ष्य की ओर सरकार
मंत्रालय ने बताया कि डीएवाई-एनआरएलएम के तहत देशभर में 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। सरकार 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ का पड़ाव पार करने के बाद अब 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए महिलाओं को वित्तीय संसाधन, कौशल विकास, उत्पाद विकास और बाजार से जुड़ाव जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
ग्रामीण उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि भारत टेक्स 2026 में भागीदारी से महिला उद्यमियों को वैश्विक खरीदारों और उद्योग जगत से जुड़ने, नए बाजार तलाशने और अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने का अवसर मिला है। यह पहल महिला-नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को सशक्त बनाने और पारंपरिक कौशलों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।(इनपुट: पीआईबी)


