विदेश मंत्री एस. जयशंकर 22 से 25 जून तक मंगोलिया और दक्षिण कोरिया की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान दोनों देशों के साथ भारत के रणनीतिक, आर्थिक और प्रौद्योगिकी सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा होगी।
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक बयान में बताया कि जयशंकर 22 और 23 जून को मंगोलिया का दौरा करेंगे, जबकि 24 और 25 जून को वह दक्षिण कोरिया की यात्रा पर रहेंगे।
मंत्रालय के अनुसार, मंगोलिया यात्रा के दौरान विदेश मंत्री वहां के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और अपने समकक्ष विदेश मंत्री बी. बत्सेत्सेग के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
भारत और मंगोलिया के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं, जो सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। दोनों देशों ने 24 दिसंबर 1955 को राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। मंगोलिया ने 1956 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था, जबकि भारत ने 1971 में उलानबटार में अपना स्थायी मिशन स्थापित किया था।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अक्टूबर 2025 में मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागीन खुरेलसुख की भारत यात्रा के दौरान जयशंकर और मंगोलियाई नेतृत्व के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई थी। माना जा रहा है कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
दक्षिण कोरिया यात्रा के दौरान जयशंकर अपने समकक्ष चो ह्यून के साथ व्यापक चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वह 25 जून को जेजू में आयोजित होने वाले ‘जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी’ में मुख्य वक्ता के रूप में भी संबोधित करेंगे।
दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत में सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), महत्वपूर्ण खनिज, उभरती प्रौद्योगिकियां और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
इसके अलावा दोनों देश रक्षा सहयोग को और बढ़ाने तथा भारत-दक्षिण कोरिया व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत हुई प्रगति की भी समीक्षा करेंगे।
यह यात्रा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सक्रिय कूटनीतिक भागीदारी को भी मजबूत करेगी।
-(इनपुटःएजेंसी)


