सरकार के स्वामित्व वाली ‘महारत्न’ कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने दिसंबर महीने में अब तक की सबसे अधिक इस्पात बिक्री दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी ने दिसंबर में 21 लाख टन स्टील की बिक्री की, जो दिसंबर 2024 में हुई 15 लाख टन बिक्री की तुलना में 37% अधिक है।
दिसंबर का प्रदर्शन अब तक का सर्वश्रेष्ठ
सोमवार को जारी बयान में कंपनी ने कहा कि दिसंबर का प्रदर्शन अब तक का सर्वश्रेष्ठ रहा है। इस दौरान विभिन्न उत्पादों और बिक्री चैनलों में नए रिकॉर्ड बने, जबकि इन्वेंट्री (भंडार) में भी उल्लेखनीय कमी आई। कंपनी के अनुसार, इस मजबूत बिक्री का प्रमुख कारण ग्राहकों तक समय पर माल पहुंचाने पर विशेष फोकस रहा है। हाल के दिनों में सेल ने अपने ब्रांड निर्माण को भी तेज किया है।
सेल की बिक्री में बढ़ोतरी केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रही, बल्कि निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि
दिसंबर में शानदार बिक्री के चलते कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी मजबूत बढ़त बनाए रखी है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच सेल की कुल बिक्री 147 लाख टन रही, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में दर्ज 126 लाख टन की तुलना में लगभग 17% अधिक है। सेल की बिक्री में बढ़ोतरी केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रही, बल्कि निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। इससे साफ संकेत मिलता है कि कंपनी की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत हो रही है।
घरेलू और विदेशी दोनों बाजारों में बेहतर प्रदर्शन
कंपनी ने कहा कि लगातार बेहतर प्रदर्शन यह दर्शाता है कि बाजार में सेल की स्थिति और सुदृढ़ हुई है, जिसका श्रेय ग्राहक-केंद्रित रणनीतियों और संचालन में सुधार को जाता है। घरेलू और विदेशी दोनों बाजारों में बेहतर प्रदर्शन के चलते सेल न केवल भारत में अग्रणी बनी हुई है, बल्कि वैश्विक स्तर की प्रमुख स्टील कंपनियों में शामिल होने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।
सेल के लिए लगातार दूसरा महीना है, जब बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि की गई है दर्ज
यह सेल के लिए लगातार दूसरा महीना है, जब बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पहले नवंबर महीने में कंपनी की बिक्री में 27% की बढ़ोतरी हुई थी। अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच सेल ने 12.7 मिलियन टन स्टील की बिक्री की, जो पिछले वर्ष इसी अवधि की 11.1 मिलियन टन बिक्री से 14% अधिक है। कंपनी के अनुसार, यह बढ़ोतरी घरेलू बिक्री योग्य स्टील, सड़क मार्ग से आपूर्ति और गोदामों से सीधे ग्राहकों तक डिलीवरी जैसे उपायों के कारण संभव हो सकी है। (इनपुट-आईएएनएस)


