समग्र आईडी हुई डिजिटल, सरकारी सेवाओं तक पहुंच होगी और आसान

मध्य प्रदेश के लगभग 9.5 करोड़ निवासी अब डिजिलॉकर पर अपना एमपी समग्र (फैमिली आईडी) देख और प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत के प्रमुख डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट डिजिलॉकर ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी इस महत्वपूर्ण पहचान पत्र को अपने प्लेटफॉर्म पर शामिल कर लिया है, जिससे नागरिकों को इसकी सत्यापित डिजिटल प्रति आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

डिजिलॉकर और समग्र आईडी का हुआ एकीकरण

यह एकीकरण दोनों दिशाओं में काम करता है। नागरिक अपने मौजूदा एमपी समग्र (फैमिली आईडी) को डिजिलॉकर में जोड़ सकते हैं, जिससे सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच और आसान हो जाएगी। साथ ही, डिजिलॉकर से जुड़े अनुरोधकर्ता तंत्र के माध्यम से नागरिक ऐप के भीतर से ही नई पारिवारिक आईडी के लिए डिजिटल पंजीकरण और सहमति भी दे सकते हैं।

चार आसान चरणों में प्राप्त करें समग्र आईडी

नागरिक डिजिलॉकर पर अपना एमपी समग्र (फैमिली आईडी) चार सरल चरणों में प्राप्त कर सकते हैं। सबसे पहले डिजिलॉकर ऐप खोलें या वेबसाइट पर जाकर साइन इन करें। इसके बाद “जारी किए गए दस्तावेज़” अनुभाग में जाएं या “समग्र/फैमिली आईडी मध्य प्रदेश” खोजें। फिर आवश्यक जानकारी दर्ज कर सहमति दें। इसके बाद दस्तावेज़ तुरंत आपके डिजिलॉकर खाते में उपलब्ध हो जाएगा।

कागजरहित और डिजिटल शासन को मिलेगा बढ़ावा

समग्र (फैमिली आईडी) को डिजिलॉकर से जोड़कर मध्य प्रदेश सरकार कागजरहित, कुशल और डिजिटल रूप से सशक्त शासन व्यवस्था के अपने लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। अब यह पहचान पत्र नागरिकों के लिए कभी भी और कहीं भी उपलब्ध रहेगा।

सरकारी योजनाओं तक पहुंच होगी आसान

समग्र आईडी मध्य प्रदेश में विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं और योजनाओं के वितरण का प्रमुख आधार है। डिजिलॉकर पर उपलब्ध होने से नागरिकों को सरकारी सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) और अन्य सार्वजनिक सेवाओं का लाभ उठाने में सुविधा होगी।

नागरिकों को मिलेंगे कई लाभ

इस पहल से भौतिक दस्तावेजों और कागजी प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी। समग्र आईडी एक कानूनी रूप से मान्य डिजिटल पहचान पत्र के रूप में उपलब्ध रहेगी, जिससे सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए सत्यापन प्रक्रिया तेज़ और अधिक सुविधाजनक बनेगी। इसके अलावा, यह राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच और डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ावा देगी।

डिजिटल समावेशन को मिलेगा बल

यह पहल मध्य प्रदेश सरकार और डिजिलॉकर की नागरिक सुविधा, बेहतर सेवा वितरण और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदम डिजिटल इंडिया की परिकल्पना को मजबूत करेंगे और सरकारी दस्तावेजों को अधिक सुरक्षित, सुलभ और सुविधाजनक बनाएंगे।

डिजिलॉकर क्या है?

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित डिजिलॉकर भारत सरकार का एक प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों को डिजिटल रूप में जारी और सत्यापित किया जाता है। यह प्रत्येक नागरिक को एक सुरक्षित क्लाउड-आधारित खाता उपलब्ध कराता है, जिससे वे किसी भी समय और कहीं से भी अपने प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज़ों तक पहुंच सकते हैं और भौतिक प्रतियां साथ रखने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। (इनपुट: पीआईबी)